{"_id":"5bf30884bdec22694e6b88c0","slug":"131542654084-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्यवाई शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्यवाई शुरू
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में सरकार जिलाधिकारी और एसएसपी को नोटिस
अगली सुनवाई 13 दिसंबर को
नूंह। बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने हरियाणा राज्य तथा संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 दिसंबर को निश्चित की गई है।
मामले में असद हयात ऐडवोकेट के नेतृत्व में एक याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सिंहल के समक्ष प्रस्तुत की गई। जिसमें बताया गया कि पुलिस ने साहिब हत्याकांड में माननीय सुप्रीमकोर्ट द्वारा पीयूसीएल बनाम स्टेट आफ महाराष्ट्र में जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। अधिवक्ता नूरूद्दीन नूर की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले में राज्य सरकार, डीएम नूंह, एसएसपी नूंह तथा विवेचना अधिकारी संगीता कालिया को नोटिस जारी कर दिया है। आरोप है कि गत 7 अगस्त को साहिब पुत्र शहीद निवासी नहेदा थाना पुन्हाना जिला नूंह अपने पिता के साथ जुबेर नामक व्यक्ति के पास पटाकपुर गांव में ट्रक चालक की तलाश में गया था। जुबेर उस समय अपने खेतों में काम कर रहा था तो साहिब, अकबर नामक व्यक्ति और अपने पिता के साथ, पटपड बास गांव के निकट जंगल में जुबैर के खेत पर पहुंच गए।
जब ये लोग आपस में बातचीत कर रहे थे तो पटाकपुर गांव की ओर से पुलिस व ग्रामीणों का शोर सुनाई दिया। तो पुलिस वालों ने साहिब तथा अन्य लोगों से कहा कि शब्बीर नामक व्यक्ति पुलिस से छूट कर भाग गया है, उसे पकड़ो। साहिब तथा अन्य लोगों ने मना कर दिया तो पुलिसकर्मी अभद्र तथा जातिसूचक भाषा का प्रयोग करते हुए गंदी गंदी गालियां देने लगे। जिस पर साहिब और पुलिस वालों में कहासुनी हो गई तो पुलिसकर्मियों ने गुस्से में साहिब को गोली मार दी और गाड़ी में डालकर पुन्हाना ले गए। जहां साहिब को मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर क्षेत्र में गुस्सा था। राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों के लोगों द्वारा 14 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया गया। मृतक साहिब की लाश तक को लेने से मना कर दिया। आखिर में सरकार की तरफ से कोई न्याय नही मिला, तो साहिब का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर नंबर 224 व 225 दर्ज की। दोनों ही एफआईआर पुलिस अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई। एफआईआर नंबर 225 एएसआई बच्चू सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
अगली सुनवाई 13 दिसंबर को
नूंह। बहुचर्चित साहिब हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय ने हरियाणा राज्य तथा संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 13 दिसंबर को निश्चित की गई है।
मामले में असद हयात ऐडवोकेट के नेतृत्व में एक याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सिंहल के समक्ष प्रस्तुत की गई। जिसमें बताया गया कि पुलिस ने साहिब हत्याकांड में माननीय सुप्रीमकोर्ट द्वारा पीयूसीएल बनाम स्टेट आफ महाराष्ट्र में जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है। अधिवक्ता नूरूद्दीन नूर की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले में राज्य सरकार, डीएम नूंह, एसएसपी नूंह तथा विवेचना अधिकारी संगीता कालिया को नोटिस जारी कर दिया है। आरोप है कि गत 7 अगस्त को साहिब पुत्र शहीद निवासी नहेदा थाना पुन्हाना जिला नूंह अपने पिता के साथ जुबेर नामक व्यक्ति के पास पटाकपुर गांव में ट्रक चालक की तलाश में गया था। जुबेर उस समय अपने खेतों में काम कर रहा था तो साहिब, अकबर नामक व्यक्ति और अपने पिता के साथ, पटपड बास गांव के निकट जंगल में जुबैर के खेत पर पहुंच गए।
विज्ञापन
जब ये लोग आपस में बातचीत कर रहे थे तो पटाकपुर गांव की ओर से पुलिस व ग्रामीणों का शोर सुनाई दिया। तो पुलिस वालों ने साहिब तथा अन्य लोगों से कहा कि शब्बीर नामक व्यक्ति पुलिस से छूट कर भाग गया है, उसे पकड़ो। साहिब तथा अन्य लोगों ने मना कर दिया तो पुलिसकर्मी अभद्र तथा जातिसूचक भाषा का प्रयोग करते हुए गंदी गंदी गालियां देने लगे। जिस पर साहिब और पुलिस वालों में कहासुनी हो गई तो पुलिसकर्मियों ने गुस्से में साहिब को गोली मार दी और गाड़ी में डालकर पुन्हाना ले गए। जहां साहिब को मृत घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन
इस मामले को लेकर क्षेत्र में गुस्सा था। राजनैतिक दलों व सामाजिक संगठनों के लोगों द्वारा 14 दिनों तक धरना प्रदर्शन किया गया। मृतक साहिब की लाश तक को लेने से मना कर दिया। आखिर में सरकार की तरफ से कोई न्याय नही मिला, तो साहिब का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर नंबर 224 व 225 दर्ज की। दोनों ही एफआईआर पुलिस अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई। एफआईआर नंबर 225 एएसआई बच्चू सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है।