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Noida News: अलीगढ़, बागपत और गोरखपुर के ध्यानार्थ.....12वीं पास टैक्सी चालक चला रहा था ठगी का गिरोह, तीन गिरफ्तार

Thu, 13 Feb 2025 07:28 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2025 07:28 PM IST
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12th pass taxi driver was running a gang of fraudsters, three arrested
डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप के जरिये लोगों से ऐंठते थे रुपये
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दो साल में कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, यूपी और पश्चिम बंगाल के लोगों से कर चुके हैं 19.13 करोड़ की ठगी
फोटो

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी एसटीएफ ने डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। ये ठगों को बैंक खाते भी उपलब्ध कराते थे और लोगों से धोखाधड़ी भी करते थे। इनकी पहचान अलीगढ़ के मोहन सिंह उर्फ रॉकी, अरमान और बागपत के संयम जैन के रूप में हुई है। आरोपी अलीगढ़ और बागपत के गरीब और अनपढ़ लोगों से बैंक खाते कमीशन पर किराये पर लेते थे। ये दो साल में 19.13 करोड़ की ठगी कर चुके हैं। सरगना मोहन सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह 12वीं पास है। पहले दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी चलाता था।
यूपी एसटीएफ की नोएडा शाखा ने आरोपियों से तीन मोबाइल, तीन फर्जी आधार कार्ड, पांच बैंक चेकबुक, दो चेक, पासबुक, छह डेबिट/क्रेडिट कार्ड, सिम कार्ड, 580 रुपये और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) नोएडा राज कुमार मिश्र ने बताया कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की जा रही है। गिरोह के जालसाज सेक्टर-45 स्थित होटल में आने वाले हैं। एसटीएफ तीनों को पकड़कर कार्यालय लाई। सरगना मोहन सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह 2021 में गोरखुपर के रहने वाले साइबर ठग राजन के संपर्क में आया और धोखाधड़ी के लिए खाता उपलब्ध कराने लगा। धीरे-धीरे उसने रोहन अग्रवाल और हर्षवर्धन गुप्ता के साथ मिलकर एक संगठित साइबर अपराध गिरोह बना लिया, जिसमें संयम जैन और अरमान भी शामिल हो गए। ये लोगों को निवेश के नाम पर गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप में फंसाकर ठगी करते थे। आरोपियों ने शामली के कौशल शर्मा से प्वॉइंट बीआरई ऐप के जरिये 51 लाख रुपये ठगे थे। दिल्ली के रोहिणी निवासी महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 15 लाख रुपये, जबकि मुंबई की महिला से 25 लाख रुपये ऐंठे थे।
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क्रिप्टो करंसी में बदलकर हवाला के जरिये भेजता था पैसे
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठगी के पैसे को गिरोह यूएसडीटी क्रिप्टो करंसी में बदलकर हवाला के जरिए अन्य अपराधियों तक पहुंचाता था। जांच में 39 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनका इस्तेमाल आरोपी कर रहे थे। कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज है।
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गरीब और अनपढ़ लोगों के खाते कमीशन पर लेते थे
आरोपी अलीगढ़ और बागपत के गरीब और अनपढ़ लोगों से बैंक खाते कमीशन पर किराये पर लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया जाता था। ठग गांवों में जाकर बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। हर खाते के बदले पांच से 10 हजार रुपये तक का कमीशन देते थे। लोग अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की डिटेल ठगों को सौंप देते थे। आरोपियों को खाता उपलब्ध कराने वालों की भी तलाश की जा रही है।
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