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पोस्टमार्टम के लिए परेशान रहे रिश्तेदार
Updated Thu, 19 Jul 2018 07:20 PM IST
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शाहबेरी गांव
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रात भर पोस्टमार्टम के लिए भटकते रहे परिजन
नोएडा। शाहबेरी गांव में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ऊपर से पोस्टमार्टम के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ा। परिजन चाहते थे कि रात को ही पोस्टमार्टम हो जाए, लेकिन पुलिस विभाग की तरफ से कागज तैयार नहीं किए गए थे। परिजन पोस्टमार्टम के लिए पूछते तो उनको सही जवाब भी नहीं दिया जा रहा था। कोई उनको जिला अस्पताल जाने के लिए बोल रहा था तो कोई पोस्टमार्टम हाउस में ही पता करने के लिए बोल रहा था। इस बारे में सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कागजी कार्रवाई की वजह से पोस्टमार्टम करने में देर हुई। रात 8 बजे तक वहां मौजूद रहा था। पुलिस की तरफ से पेपर आने में देर हो गई थी, इसलिए पोस्टमार्टम करने में थोड़ी देर हो गई। बुधवार को 3 पोस्टमार्टम किए गए थे। परिजनों को शव हासिल करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
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रात भर पोस्टमार्टम के लिए भटकते रहे परिजन
नोएडा। शाहबेरी गांव में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ऊपर से पोस्टमार्टम के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ा। परिजन चाहते थे कि रात को ही पोस्टमार्टम हो जाए, लेकिन पुलिस विभाग की तरफ से कागज तैयार नहीं किए गए थे। परिजन पोस्टमार्टम के लिए पूछते तो उनको सही जवाब भी नहीं दिया जा रहा था। कोई उनको जिला अस्पताल जाने के लिए बोल रहा था तो कोई पोस्टमार्टम हाउस में ही पता करने के लिए बोल रहा था। इस बारे में सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कागजी कार्रवाई की वजह से पोस्टमार्टम करने में देर हुई। रात 8 बजे तक वहां मौजूद रहा था। पुलिस की तरफ से पेपर आने में देर हो गई थी, इसलिए पोस्टमार्टम करने में थोड़ी देर हो गई। बुधवार को 3 पोस्टमार्टम किए गए थे। परिजनों को शव हासिल करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।