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देश की सुरक्षा से खिलवाड़: नटवरलाल के खाते में आए थे 11 करोड़, भाई को बनाया निदेशक, चीनी नागरिकों और...
Mon, 03 Oct 2022 01:00 PM IST
शाहरुख खान
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Oct 2022 01:00 PM IST
सार
यूपी एसटीएफ की ओर से जिला न्यायालय में पेश किए गए आरोप पत्र में बताया गया है कि रवि के बैंक खाते में नारायणी फाइनेंस कंपनी से 10,26,57,570 रुपये और दूसरे खाते में 58 लाख हस्तांतरित किए गए। कंपनियां फर्जी दस्तावेज पर बनाई गईं।
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घरबरा स्थित गेस्ट हाउस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चीन के नागरिकों व भारतीय मददगारों के देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के मामले में नए खुलासे हुए हैं। एसटीएफ व अन्य एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि चीन के नागरिकों के सबसे बड़े मददगार रवि नटवरलाल के खाते में नारायण फाइनेंस कंपनी से दो बार में करीब 11 करोड़ रुपये की रकम आई थी।
रवि और उसका भाई जयकुमार संड्डेन फिक्स प्राइवेट लि. और तियांशांग रेंजियां प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में निदेशक हैं। वहीं, लोन एप से प्राप्त हुई रकम के संबंध में पूछने के लिए गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले तिब्बती दोरजी जेल में भी मिलने गया था।
यूपी एसटीएफ की ओर से जिला न्यायालय में पेश किए गए आरोप पत्र में बताया गया है कि रवि के बैंक खाते में नारायणी फाइनेंस कंपनी से 10,26,57,570 रुपये और दूसरे खाते में 58 लाख हस्तांतरित किए गए। कंपनियां फर्जी दस्तावेज पर बनाई गईं। इसके अलावा नारायणी प्रालि से लडन फिक्स कंपनी में और फिर सइफन फिक्स कंपनी से कोटक महिंद्रा के बैंक के खाते में पैसे गए हैं।
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आरोपियों से पूछताछ में ये भी पता चला है कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पहले रवि की नोएडा सेक्टर-63 स्थित फैक्टरी में संचालित था। यहां निखिल व हेमंत की मदद से लोन व ट्रेंडिंग एप के काम में इसे इस्तेमाल किया जा रहा था। बाद में लोन एप से आत्महत्या के मामले दर्ज होने के बाद इसे यहां से हटा दिया गया था। इस फैक्टरी से सीसीटीवी फुटेज आदि साक्ष्य भी मिटाए गए थे।
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रवि और उसका भाई जयकुमार संड्डेन फिक्स प्राइवेट लि. और तियांशांग रेंजियां प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में निदेशक हैं। वहीं, लोन एप से प्राप्त हुई रकम के संबंध में पूछने के लिए गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले तिब्बती दोरजी जेल में भी मिलने गया था।
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यूपी एसटीएफ की ओर से जिला न्यायालय में पेश किए गए आरोप पत्र में बताया गया है कि रवि के बैंक खाते में नारायणी फाइनेंस कंपनी से 10,26,57,570 रुपये और दूसरे खाते में 58 लाख हस्तांतरित किए गए। कंपनियां फर्जी दस्तावेज पर बनाई गईं। इसके अलावा नारायणी प्रालि से लडन फिक्स कंपनी में और फिर सइफन फिक्स कंपनी से कोटक महिंद्रा के बैंक के खाते में पैसे गए हैं।
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आरोपियों से पूछताछ में ये भी पता चला है कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज पहले रवि की नोएडा सेक्टर-63 स्थित फैक्टरी में संचालित था। यहां निखिल व हेमंत की मदद से लोन व ट्रेंडिंग एप के काम में इसे इस्तेमाल किया जा रहा था। बाद में लोन एप से आत्महत्या के मामले दर्ज होने के बाद इसे यहां से हटा दिया गया था। इस फैक्टरी से सीसीटीवी फुटेज आदि साक्ष्य भी मिटाए गए थे।
घरबरा में लगी थी स्पाई कैमरे वाली डिजिटल क्लॉक
घरबरा में गेस्ट हाउस किराये पर लेकर तियांशांग रेंजियां के नाम से बार आदि संचालित किया जा रहा था। इसी नाम की आरोपियों की कंपनी भी है, जो गलत पते पर थी। ये गेस्ट हाउस भाजपा नेता के बेटे का है, जिसे अब केस में गवाह बनाया गया है। बार में स्पाई कैमरे वाली डिजिटल क्लॉक लगी हुई थी। इसमें वाईफाई व कैमरा लगा होने के कारण यहां होने वाली गतिविधियों को मोबाइल में विश्व में देखा जा सकता था।
नाम बदलकर रह रहा था
तिब्बती दोरजी नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज पर भारत में रह रहा था। आरोपी चीन में बैठे माइकल उर्फ जिन डी के संपर्क में था। दोरजी भारतीयों से धोखाधड़ी कर कमाए धन को चीन भेजने की साजिश में अन्य आरोपियों के साथ शामिल था, इसलिए वह लोन एप की रकम के संबंध में पूछताछ करने जू फाई से मिलने जेल पहुंचा था।
नाम बदलकर रह रहा था
तिब्बती दोरजी नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज पर भारत में रह रहा था। आरोपी चीन में बैठे माइकल उर्फ जिन डी के संपर्क में था। दोरजी भारतीयों से धोखाधड़ी कर कमाए धन को चीन भेजने की साजिश में अन्य आरोपियों के साथ शामिल था, इसलिए वह लोन एप की रकम के संबंध में पूछताछ करने जू फाई से मिलने जेल पहुंचा था।