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Noida News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 10.08 लाख मामलों का निस्तारण
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फोटो
-लोक अदालत में तय हुई 16.06 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 10,08,279 मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालय के साथ तहसील और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाया गया। इन मामलों में करीब 16.06 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई, जिसमें 2.39 करोड़ रुपये मौके पर जमा कराए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय विरेक अग्रवाल ने बताया कि जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में 76,954 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने चार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकेष पाण्डेय ने 3,360, एसीजेएम प्रथम मयंक त्रिपाठी ने 2,040 और एसीजेएम-तृतीय विरेक अग्रवाल ने 921 वाद निस्तारित किए। एसीजेएम द्वितीय रवि कुमार सागर ने 779, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम श्रयांश निरंजन ने 686, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम अभिषेक कुमार ने 2,174 और सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी प्रभात कुमार ने 556 मामलों का निपटारा किया।
यातायात के चार लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
लोक अदालत में यातायात विभाग ने 4,00,263 मामलों का निस्तारण कर सबसे अधिक मामलों का समाधान किया। जिलाधिकारी के अधीनस्थ विभागों में 4,76,181, पुलिस विभाग में 32,089, नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 5,160 और चिकित्सा विभाग में 1,00,045 मामलों का निपटारा किया गया।
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प्री-लिटिगेशन के 9.31 लाख मामले सुलझे
न्यायालय में मामला पहुंचने से पहले विवादों के समाधान पर भी जोर दिया गया। प्री-लिटिगेशन के 9,31,325 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के 5,931, श्रम न्यायालय के 1,102 और बीएसएनएल के 51 मामलों का समाधान हुआ। एनपीसीएल के 35 मामलों का भी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामलों में बैंकों के 245 मामलों का निस्तारण कर 3.61 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। वहीं, फाइनेंस कंपनियों के छह मामलों में 39,670 रुपये की वसूली हुई।
मोटर दुर्घटना के 43 मामलों में 4.40 करोड़ का समझौता
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी वत्सल श्रीवास्तव ने 43 वादों का निस्तारण किया। इनमें करीब 4.40 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई। जिला उपभोक्ता न्यायालय में 43 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें करीब 2.60 करोड़ रुपये की समझौता राशि रही। विशेष न्यायाधीश एनआई एक्ट न्यायालय में 30 मामलों का निपटारा हुआ और करीब 1.24 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय की गई।
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-लोक अदालत में तय हुई 16.06 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 10,08,279 मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालय के साथ तहसील और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाया गया। इन मामलों में करीब 16.06 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई, जिसमें 2.39 करोड़ रुपये मौके पर जमा कराए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय विरेक अग्रवाल ने बताया कि जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों में 76,954 वादों का निस्तारण हुआ। इनमें जिला जज अतुल श्रीवास्तव ने चार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकेष पाण्डेय ने 3,360, एसीजेएम प्रथम मयंक त्रिपाठी ने 2,040 और एसीजेएम-तृतीय विरेक अग्रवाल ने 921 वाद निस्तारित किए। एसीजेएम द्वितीय रवि कुमार सागर ने 779, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम श्रयांश निरंजन ने 686, अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम अभिषेक कुमार ने 2,174 और सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी प्रभात कुमार ने 556 मामलों का निपटारा किया।
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यातायात के चार लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
लोक अदालत में यातायात विभाग ने 4,00,263 मामलों का निस्तारण कर सबसे अधिक मामलों का समाधान किया। जिलाधिकारी के अधीनस्थ विभागों में 4,76,181, पुलिस विभाग में 32,089, नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 5,160 और चिकित्सा विभाग में 1,00,045 मामलों का निपटारा किया गया।
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प्री-लिटिगेशन के 9.31 लाख मामले सुलझे
न्यायालय में मामला पहुंचने से पहले विवादों के समाधान पर भी जोर दिया गया। प्री-लिटिगेशन के 9,31,325 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के 5,931, श्रम न्यायालय के 1,102 और बीएसएनएल के 51 मामलों का समाधान हुआ। एनपीसीएल के 35 मामलों का भी समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामलों में बैंकों के 245 मामलों का निस्तारण कर 3.61 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वसूल की गई। वहीं, फाइनेंस कंपनियों के छह मामलों में 39,670 रुपये की वसूली हुई।
मोटर दुर्घटना के 43 मामलों में 4.40 करोड़ का समझौता
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में पीठासीन अधिकारी वत्सल श्रीवास्तव ने 43 वादों का निस्तारण किया। इनमें करीब 4.40 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय हुई। जिला उपभोक्ता न्यायालय में 43 मामलों का निस्तारण हुआ, जिनमें करीब 2.60 करोड़ रुपये की समझौता राशि रही। विशेष न्यायाधीश एनआई एक्ट न्यायालय में 30 मामलों का निपटारा हुआ और करीब 1.24 करोड़ रुपये की समझौता धनराशि तय की गई।