फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   charas recoverd

Noida News: गुमनामी के अंधेरे में जी रहे भाला फेंक के स्वर्ण पदक विजेता

Mon, 28 Aug 2023 05:25 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 05:25 PM IST
विज्ञापन
charas recoverd
उत्तर प्रदेश के आगरा का रहने वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक खिलाड़ी आज गुमनामी की जिंदगी जी रहा है । गांव में हुए पड़ोसी के मर्डर ने खिलाड़ी की जिंदगी बदल दी । मर्डर की रंजिश के चलते सेना में कैप्टन रहे सरनाम सिंह को घर परिवार के साथ गांव छोड़ना पड़ा । 1984 में नेपा में आयोजित हुए साउथ एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले सरनाम सिंह आज धौलपुर में रहते है । गांव आने पर पड़ोसी उन्हें जान से मारने की धमकी देते है । सरनाम सिंह भाला फेंकने के माहिर खिलाड़ी हुआ करते थे । साउथ एशियन गेम्स नेपाल में गोल्ड मेडल जीतने के अलावा सरनाम सिंह ने 1985 में जकार्ता में आयोजित हुए सिक्स एशियन ट्रैक एंड फील्ड गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया । प्रतियोगिता में पांचवा स्थान हासिल किया । इसके अलावा सरनाम सिंह ने 1985 में दिल्ली में आयोजित हुए राष्ट्रीय खेल में भी भारत की तरफ से प्रतिभाग किया था । 1989 में पाकिस्तान में आयोजित हुए फोर्थ सैफ गेम्स इस्लामाबाद में भी सरनाम सिंह ने भारतीय टीम की तरफ से भला फेक खेल में प्रतिभाग किया । शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया । इसके अलावा 1989 में दिल्ली में आयोजित हुए एशियाई ट्रैक एंड फील्ड गेम्स में भी सरनाम सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया । प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया । खेल की दुनिया में राष्ट्र का नाम रोशन करने के बाद सरनाम सिंह अपने गांव अई वापस लौट आये । 24 जून 2020 को सरनाम सिंह के पड़ोसी कप्तान सिंह के बेटे जनार्दन सिंह का मर्डर हो गया था । मर्डर में सरनाम सिंह के भतीजे का नाम आया था । इसके बाद से सरनाम सिंह और उनके परिवार के बुरे दिन शुरू हो गए । मर्डर की रंजिश में सरनाम सिंह को जान से मारने की धमकियां मिलने लगी । जान माल की धमकियों से परेशान सरनाम सिंह ने परिवार के साथ गांव से पलायन कर दिया । गांव में सरनाम सिंह का मकान बंद पड़ा है । मकान के गेट पर ताला लगा हुआ है । गांव की जमीन बंजर हो चुकी है । अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे सरनाम सिंह आगरा के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई । अंत में थकहार कर सरनाम सिंह ने गांव छोड़ दिया । परिवार के साथ सरनाम सिंह अब धौलपुर में निवास करते हैं । रंजिश की वजह से गांव जाने में भी डरते हैं । सरनाम सिंह ने बताया कि उन्होंने रंजिश की वजह से गांव की 40 बीघा जमीन बेच दी है । अभी भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है । सरनाम सिंह का कहना है कि अगर उन्हें मौका मिला होता तो वह बहुत कुछ कर सकते थे । देश को जैवलिन थ्रो गेम्स के लिए एक से बढ़कर एक नए खिलाड़ी दे सकते थे । अब सरनाम सिंह 67 साल के हो चुके हैं । रंजिश की वजह से सरनाम सिंह की खेल प्रतिभा दम तोड़ चुकी है । अब सरनाम सिंह पेंशन के सहारे घर का खर्च चलते हैं । सर्वनाम सिंह आज भी अपने गांव वापस लौटना चाहते हैं । उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं लेकिन गांव में चल रही रंजिश उनके इरादों को तोड़ देती है । गांव की तरफ जाने से रोक देती है । सरनाम सिंह आज भी अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं । दबंग से पीछा छुड़ाने के लिए हर उपाय आजमा रहे हैं । लेकिन रंजिश उनका पीछा नहीं छोड़ रही है । पड़ोसी आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी सरनाम सिंह की जान के दुश्मन बने हुए हैं । देखना होगा सरकार और प्रशासनिक मशीनरी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे सरनाम सिंह को कब तक राहत दिलवा पाती है ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed