जुलाई 2020 तक सिग्नल फ्री होगा सेक्टर-71 चौराहा, जून में शुरू होगा अंडरपास का निर्माण कार्य
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शहर के सबसे बड़े चौराहे सेक्टर-71 को जाम मुक्त बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जुलाई 2020 तक इस चौराहे को सिग्नल फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जून से यहां अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। करीब 56 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंडरपास का निर्माण कार्य ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ी बाधा नहीं बनेगा।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अंडरपास बनाने के लिए कंपनी का चयन हो चुका है। चुनावी आचार संहिता लगने की वजह से काम शुरू नहीं किया जा रहा है। 23 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रोजेक्ट रफ्तार पकड़ेगा। इस प्रोजेक्ट को 12 महीने में तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। फिलहाल, नोएडा के अलावा ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा और राजस्थान के बीच आवाजाही करने वाले हजारों वाहन रोजाना इसी चौराहे का प्रयोग करते हैं। साथ ही ग्रेनो वेस्ट और ग्रेटर नोएडा को भी यह चौराहा नोएडा से जोड़ता है।
सिटी सेंटर से ग्रेनो वेस्ट को जोड़ेगा अंडरपास
अंडरपास का निर्माण सिटी सेंटर से ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली सड़क पर किया जाएगा। इसके बनने के बाद सिटी सेंटर से ग्रेनो वेस्ट के बीच अंडरपास से और एनएच-24 से भंगेल के बीच अंडरपास के ऊपर से बेरोकटोक सफर किया जा सकेगा। अंडरपास की लंबाई करीब 680 मीटर होगी, जिसकी तीन लेन आने के लिए और तीन लेन जाने के लिए होंगी।
एक तरफ किया जाएगा डायवर्जन
अंडरपास के निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। भंगेल व सेक्टर-76 की ओर से सेक्टर-60 व 61 की ओर जाने वाले वाहनों को चौराहे से बायीं ओर मुड़कर (होशियारपुर की ओर) यू-टर्न लेना होगा। इसके अलावा रूट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, वाहनों के दबाव से निपटने के लिए अंडरपास के निर्माण से पहले चौराहे को चौड़ा करने का सुझाव ट्रैफिक पुलिस की तरफ से दिया गया है।
मेट्रो की वजह से बदल गई योजना
साल 2015 में सेक्टर-71 चौराहे को ट्रैफिक जंक्शन में तब्दील करने का फैसला प्राधिकरण ने लिया था। करीब 110 करोड़ रुपये की लागत से यहां अंडरपास व छह लेन का फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन मेट्रो कॉरिडोर बीच में आने की वजह से फ्लाईओवर का विकल्प हटा दिया गया है।
ट्रैफिक पुलिस का सर्वे
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, मेट्रो सेवा शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में इस चौराहे पर चार से पांच मिनट के अंतराल पर करीब 2 हजार यात्रियों का दबाव बढ़ जाएगा। आसपास पड़ने वाले सेक्टर व गांव, जिनमें सेक्टर-53, 61,71,72,73,119,120,121,122, पर्थला, सर्फाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ सिटी, छिजारसी, शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, बिसरख और सूरजपुर आदि स्थान पर जाने वाले लोग किसी न किसी प्रकार के यातायात साधन का प्रयोग करेंगे। चौराहे पर यातायात का दबाव बढ़ेगा जबकि इससे निपटने के लिए पार्किंग और स्टैंड की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में समय रहते प्लानिंग नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लोगों को जाम की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।
सेक्टर-71 चौराहे पर अंडरपास का निर्माण पहले ही हो जाना चाहिए था। अंडरपास निर्माण से पहले चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बदलाव करने होंगे। इसके अलावा पार्किंग और ऑटो व रिक्शा स्टैंड की व्यवस्था भी करनी होगी।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक