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नेताजी कब मिलेंगे 5 लाख लोगों को घर?
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 03 Apr 2014 11:32 AM IST
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यूपी अपार्टमेंट ऐक्ट... वह कानून, जो आम आदमी के घर के सपने को पूरा करने में बेहद मददगार है।
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ये कानून तय करता है कि बिल्डर तय समय सीमा में खरीदार को मकान बनाकर दे। लेकिन, गाजियाबाद में लागू हो चुका ये एक्ट अभी नोएडा प्राधिकरण की फाइलों में चक्कर काट रहा है। उधर, करीब पांच लाख फ्लैट खरीदारों की आस अब अपने भावी सांसद पर टिकी है।
इस ऐक्ट के लागू न होने का असर फ्लैट के खरीदारों पर पड़ रहा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के एरिया में तकरीबन पांच लाख फ्लैट बन रहे हैं। यानी इतने ही लोगों का पैसा इसमें लगा है।
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लेकिन, शायद ही कोई बिल्डर ऐसा हो, जो वक्त पर ग्राहकों को पजेशन दे। ढाई-तीन साल में मकान बनाने का वादा करने वालों के बारे में तरह-तरह से पैसा ऐंठने की शिकायतें भी मिली हैं। दूसरी ओर, खरीदारों के पास ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जहां शिकायत करने पर उनकी समस्या हल हो।
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कहां अटका ऐक्ट
उत्तर प्रदेश आवास विकास विभाग का अपार्टमेंट ऐक्ट 2010 में बना। बीते साल नवंबर में हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में ऐक्ट को मंजूरी तो दो गई, लेकिन इसे विधिक राय के लिए भेज दिया गया। इसके बाद पांच माह से विधि विभाग में रायशुमारी ही चल रही है।
क्या चाहते हैं खरीदार
फ्लैट खरीदार चाहते हैं कि राजनीतिक पार्टियां लाखों फ्लैट बायर्स की परेशानी समझते हुए इस ऐक्ट को लागू करवाएं, ताकि बिल्डर फ्लैट खरीदारों का शोषण न कर सकें। नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि प्रत्याशी इसे अपने घोषणा पत्र में शामिल करें और जो भी प्रत्याशी चुनाव जीते, वह हर हाल में एक्ट लागू करवाए।
क्या होगा फायदा
- बिल्डर और ग्राहक के बीच एग्रीमेंट होने से फ्लैटों के निर्माण में नहीं होगी गड़बड़ी।
- बिल्डर के गड़बड़ी करने पर रेगुलेटरी अथॉरिटी में शिकायत हो सकेगी।
- शर्तों का उल्लंघन करने पर रेगुलेटरी अथॉरिटी करेगी बिल्डर पर कार्रवाई।
- बिल्डर तय समय पर पजेशन देने को बाध्य हो जाएगा।
- पजेशन देने से पहले करानी होगी रजिस्ट्री, जिससे खरीदारों को मालिकाना हक मिलने में नहीं आएगी अड़चन।
बसपा प्रत्याशी, सतीश अवाना से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सांसद बनने के बाद इसके लिए प्राधिकरण, प्रदेश सरकार और जरूरी हुआ तो केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी।
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भाजपा प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि जब भी किसी बिल्डर को जमीन दी जाए, तो यह शर्त उसी वक्त लागू होनी चाहिए कि खरीदार के साथ अन्याय होने पर आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
सपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी ने प्रदेश सरकार की तरफदारी करते हुए कहा कि ऐक्ट लागू करने के लिए प्रदेश सरकार पहल कर चुकी है और शीघ्र ही प्राधिकरण से बात करके इसे लागू कराया जाएगा।
कांग्रेस प्रत्याशी रमेश चंद्र तोमर ने सभी पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में जितनी भी सरकारें बनी हैं, उन्होंने गरीबों का शोषण ही किया है। बिल्डरों को अंकुश लगाने के लिए जो भी जरूरी होगा, उसे सांसद बनने के बाद कराया जाएगा।