'रन फॉर यूनिटी' के नाम पर की गई रस्म अदायगी
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फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित ‘रन फॉर यूनिटी’ में जुटे नेताओं और अधिकारियों ने सिर्फ रस्म अदायगी की। बच्चों के साथ स्टेडियम के बाहर तक नहीं दौड़े। कई नेता और अफसर तो दो मिनट की दौड़ में ही हांफ पड़े। पांच मिनट के अंदर ही रस्म पूरी हुई और नेता, अफसर चलते बने।
सैकड़ों बच्चे जहां जगह मिली वहीं से भागने लगे। कोई ट्रैक के रास्ते दौड़ में आगे नहीं बढ़ा। इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि लौह पुरुष सरदार बल्लभभाई पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय से लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
इससे देश के सभी संप्रदाय के लोगों को एकसूत्र में पिरोया जा सकेगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस शपथ दिलाई।
किसी को नहीं आई इंदिरा की याद
गुर्जर ने कहा कि सरदार पटेल में कौटिल्य जैसी कूटनीतिज्ञता और महाराज शिवाजी जैसी दूरदर्शिता थी। उनका जन्म 31 अक्तूबर 1875 को गुजरात के नड़िया में हुआ था।
ब्रिटिश राज की नीतियों के विरोध में उन्होंने अहिंसक और नागरिक अवज्ञा आंदोलन के जरिए खेड़ा बोरसाद व बारदोली के किसानों को एकत्रित किया। फिर 562 रियासतों का एकीकरण किया।
यह रेस सेक्टर-12,13,14,15,15ए से होते हुए वापस खेल परिसर में ही समाप्त हुई। इस मौके पर विधायक विपुल गोयल, सीमा त्रिखा, नगेंद्र भड़ाना, टेकचंद शर्मा, जिला उपायुक्त विजय सिंह दहिया एवं पुलिस आयुक्त एएस चावला मुख्य रूप से मौजूद रहे।
खास बात यह रही कि इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बलिदान दिवस का किसी ने जिक्र तक नहीं किया।