दिल्लीवासियों पर नहीं बढ़ेगा टैक्स का बोझ
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बाद दक्षिणी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने भी अपने-अपने आयुक्तों के नए टैक्स लगाने और वर्तमान टैक्स एवं फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है।
दोनों नगर निगम की स्थाई समिति के अध्यक्षों ने अपने-अपने निगम के बजट को अंतिम रूप देते हुए ऐलान किया कि वह जनता की कमर तोड़ने वाले किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बजट में कई लोकलुभावन और अपनी-अपनी नगर निगम की आय बढ़ाने के प्रस्ताव पेश किए।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष सतेंद्र चौधरी ने बजट को अंतिम रूप देते हुए ऐलान किया कि आयुक्त के प्रस्तावित सभी बढ़े हुए टैक्स प्रस्तावों को वापस लिया जा रहा है। लेकिन मॉल एवं डिस्ट्रिक्ट सेंटर जैसे बड़े व्यावसायिक सेंटरों को टैक्स बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर राहत नहीं दी जा रही है।
उन्होंने प्रत्येक वार्ड में बेहतर कार्यान्वयन के लिए आरडब्ल्यूसी बनाने का ऐलान किया। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार से नगर निगम से छीने गए सभी अधिकार वापस करने का आग्रह किया।
वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति के अध्यक्ष संजय सुर्जन ने ऐलान किया कि ट्रेड लाइसेंस नीति को सरल बनाया गया है। इसके चलते व्यापारी घर बैठे ही अपना लाइसेंस बनवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति लोगों के घर भेजी जाएगी। उन्होंने पार्षद फंड में 25 लाख रुपये की बढ़ोतरी की।
अब पार्षदों को 75-75 लाख रुपये अपने इलाके में विकास कार्य कराने के लिए मिलेंगे। उन्होंने नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए पार्किंग के अंदर विज्ञापन के होर्डिंग लगाने का प्रावधान किया है।