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मंदिर बनाने की पर्मिशन नहीं!
अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 26 Dec 2013 01:23 PM IST
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प्राधिकरण ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत और औद्योगिक परिसर में पहले से बने मंदिरों को ही वैध मानेगा। संपत्ति के सेट बैक में नए मंदिर बनाने की छूट नहीं होगी।
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बीते 29 नवंबर को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत और औद्योगिक संपत्तियों के सेट बैक में जिन लोगों ने मंदिर बना लिया है, उनको तो अनुमति मिल जाएगी, मगर इस प्रस्ताव के बोर्ड से पास होने के बावजूद नए मंदिर के निर्माण की छूट नहीं होगी।
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प्राधिकरण बोर्ड ने सभी संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि अगर कोई व्यक्ति इस प्रावधान की आड़ में नए मंदिर का निर्माण कराने की कोशिश करता है तो उसे रोकने की जिम्मेदारी उस विभाग के अधिकारी की होगी।
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दरअसल, नोएडा में ऐसी तमाम संपत्तियां हैं, जिनमें लोगों ने मंदिर बना लिया है। उद्योग, शिक्षण संस्थान व ग्रुप हाउसिंग के सेट बैक में मंदिर बने हुए हैं।
अब तक इन संपत्तियों के परिसर में मंदिर या ऐसे किसी अन्य तरीके के निर्माण की छूट नहीं थी। लोग प्राधिकरण से कंपलीशन लेने के बाद सेट बैक में मंदिर का निर्माण करवा लेते हैं। ऐसी संपत्तियों के बिकने के बाद ट्रांसफर में अड़चन आती है।
कुछ तो ऐसे हैं, जिन्होंने कंपलीशन लेने से पहले ही निर्माण करवा लिया, जिसकेचलते प्राधिकरण ने कंपलीशन पर रोक भी लगा दी। सेक्टर 62 की एक सोसायटी का ऐसा ही एक वाकया प्राधिकरण के सामने आया। कंपलीशन से पहले मंदिर बन जाने के कारण उसे कंपलीशन नहीं मिला।
ऐसे मामलों को हल करने के लिए प्राधिकरण बोर्ड के समक्ष प्रस्ताव रखा गया और बोर्ड ने इसे कुछ शर्तों के साथ अनुमोदित कर दिया है। बता दें कि सबसे पहले अमर उजाला ने बीते 16 नवंबर के अंक में मंदिरों को मिलेगी मान्यता शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।