फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   No one guilty in magisterial inquiry of the eyes of zombies disappearing

चूहे खा गए थे लाश की आंखें!

Wed, 05 Feb 2014 12:29 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Feb 2014 12:29 PM IST
विज्ञापन
No one guilty in magisterial inquiry of the eyes of zombies disappearing

मुखर्जी नगर स्थित राजन बाबू क्षय रोग अस्पताल में मृत कैदी की आंख की पुतली और कान का आधा हिस्सा गायब होने के मामले की न्यायिक जांच में मजिस्ट्रेट को लापरवाही बरतने के आरोप में क्लीन चिट दे दी गई है।

विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, इसका कोई साक्ष्य नहीं है कि आंख सर्जरी के जरिए निकाली गई या फिर चूहों ने निकाली। हाईकोर्ट ने अब मामले में केंद्र सरकार के अलावा पूर्वी और साउथ एमसीडी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन


मामला प्रकाश में आने पर हाईकोर्ट ने मजिस्ट्रेट धीरज मोर को जांच सौंपी थी। मजिस्ट्रेट ने न्यायमूर्ति पीके भसीन और न्यायमूर्ति जेआर मिड्ढा की खंडपीठ के समक्ष रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि  अस्पताल में शवगृह की हालत काफी खराब है और शव को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शवगृह का दरवाजा बंद करने के बाद भी सुराख रहता है और छोटे-छोटे जीव-जंतु कमरे में घूमते रहते हैं। खंडपीठ ने कैदी के शव का पोस्टमार्टम करने में देरी करने के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट को क्लीन चिट प्रदान करते हुए कहा कि कैदी की मृत्यु के 11 घंटे बाद मजिस्ट्रेट को जानकारी दी गई थी।

विशेषज्ञ भी बताने में असमर्थ हैं कि आंख सर्जरी से निकाली गई या चूहे खा गए। उन्होंने कहा कि इस बात के कोई भी साक्ष्य नहीं है कि आंख जानबूझ कर निकाली गई।

उधर दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता दयान कृष्णन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने सभी निजी अस्पतालों को शवों का सम्मान करने का निर्देश जारी किया है। उन्होंने माना कि एमसीडी द्वारा संचालित इस अस्पताल की हालत खराब है। यह गंभीर मामला है।

खंडपीठ ने केंद्र सरकार और एमसीडी को नोटिस जारी कर अपना जवाब देने का निर्देश देते हुए अतिरिक्त सालीसीटर जनरल को भी 13 फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया है।


क्या है मामला?
दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी राजकुमार की 9 दिसंबर 2013 को अस्पताल में मौत हो गई थी। उसे टीबी के इलाज के लिए 27 नवंबर को अस्पताल में भर्ती किया गया था। राजकुमार के शव को शवगृह में रख दिया गया और अगले दिन जहांगीर पुरी स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। इसी दौरान पाया गया कि राजकुमार की दाईं आंख की पुतली व दाएं कान का नीचे का आधा हिस्सा गायब है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed