"केजरीवाल दिल्ली के सीएम हैं या यूपी के"
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दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने खामोशी तोड़ते हुए आम आदमी पार्टी पर सीधा वार किया है। बीजेपी ने आप के जनता दरबार के गाजियाबाद के कौशांबी इलाके में होने को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली बीजेपी के मुताबिक केजरीवाल गाजियाबाद में जनता दरबार लगाकर दिल्ली की जनता से साथ धोखा कर रहे हैं। केजरीवाल को इस बात पर गौर करना चाहिए कि वो दिल्ली की जनता के द्वारा चुने हुए मुख्यमंत्री हैं ना कि यूपी के।
ऐसे में केजरीवाल को यूपी की बजाय दिल्ली में ही जनता दरबार लगाना चाहिए। केजरीवाल का ऑफिस और घर नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से 15 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं आम आदमी को वहां तक पहुंचने में ही एक घंटा लग जाता है।
जनता दरबार को ही बना दिया विवाद की वजह
दिल्ली बीजेपी के नेता विजय जौली के केजरीवाल के जनता दरबार पर आरोपों का दौर यहीं नहीं थमा। वो बोले कि वीआईपी लोगों को अलग दरवाजे से बुलाया जाता है और अन्य लोगों को किसी और दरवाजे से ऐसे में साफ दिखाई देता है कि आप की कथनी और करनी दोनों में काफी फर्क है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि केजरीवाल का जनता दरबार आलोचनाओं का शिकार हुआ है। इससे पहले ही कहीं टोकन सिस्टम के इस्तेमाल तो कभी लोगों की अनियमित भीड़ की वजह से केजरीवाल के जनता दरबार पर आरोप लगे हैं। पिछली सरकार में केजरीवाल को अपना जनता दरबार बंद करना पड़ा था।
हालांकि इस बार के जनता दरबार पर आम आदमी पार्टी ने खासी सावधानी बरती थी। हालांकि पार्टी ये भी कहती रही थी कि ये जनता दरबार नहीं बल्कि रूटीन साप्ताहिक मीटिंग ही हैं जहां केजरीवाल लोगों की समस्याएं सुनते हैं।