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दिल्ली महिला आयोग पर लगाया बदतमीजी करने का आरोप
Mon, 01 Apr 2019 07:39 PM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Mon, 01 Apr 2019 07:39 PM IST
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स्वाति मालिवाल
साल 2012 में निर्भया कांड के बाद बनी महिला हेल्पलाइन नंबर 181 का नीजिकरण करने के खिलाफ वहां काम करने वाली महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। उनकी मांग है कि हेल्पलाइन के नीजिकरण के फैसले को वापस लिया जाए।
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दिल्ली सचिवालय के बाहर हफ्ते भर से ये महिला कर्मचारी विरोध पर हैं। कर्मचारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम करने वाले हेल्पलाइन नंबर को केयरटेल नामक कॉल सेंटर कंपनी को सौंप दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि इसके नीजिकरण से मदद के लिए गुहार लगाने वाली महिलाओं के नंबर लीक होने का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे उन्हें ब्लैंक और फेक कॉल से परेशाप होना पड़ सकता है।
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ये महिलाएं हेल्पलाइन सेंटर में महिला कंसलटेंट को हटाकर एक पुरूष दलिप सब्बरवाल को नियुक्त कर देने का भी विरोध कर रही हैं। जो महिलाओं की समस्याओं के बारे में कुछ नहीं जानता है और उसके नेतृत्व में काम करते हुए हेल्पलाइन सेंटर में काम करने वाली महिलाएं असहज महसूस करती हैं।
उन्होंने महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल पर भी बद्तमीजी करने का आरोप लगाया है। विरोध का नेतृत्व कर रही अंजुम ने बताया कि 181 हेल्पलाइन पहले दिल्ली सरकार के तहत थी जिसे 2015 में दिल्ली महिला आयोग को सौंप दिया गया। जिसके बाद हेल्पलाइन नंबर की महिला कर्मचारियों को मिलने वाली कई बुनियादी सुविधाओं को खत्म कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि 23 मार्च को अचानक महिला कर्मचारियों को केयरटेल इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड के नारायणा स्थित दफ्तर में काम करने को कहा। वहां काम करने पर कई तरह की तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, मदद के लिए आ रही कॉल दूसरे नंबर पर डाइवर्ट हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि केयरटेल का पुरूष स्टाफ भी उनके साथ ही मौजूद रहता जिससे उन्हें महिला संबंधित परेशानियां हल करने में दिक्कत आ रही हैं।