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निर्भया केसः दोषी विनय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला, रुक सकती है फांसी!
Thu, 13 Feb 2020 01:27 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Thu, 13 Feb 2020 01:27 PM IST
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विनय शर्मा(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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निर्भया के दोषी विनय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच सुनवाई पूरी कर चुकी है। इस याचिका में विनय ने दया याचिका खारिज होने के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला कल(14 फरवरी) दोपहर दो बजे तक के लिए सुरक्षित रख लिया है।
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जानिए कोर्ट में क्या-क्या हुआ...
- अदालत की सुनवाई शुरू हुई तो दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत ने बार-बार पूछा कि बताइए आपकी क्या दलील है? इस पर एपी सिंह ने कहा कि रिकॉर्ड देखिए, न्याय की हत्या की गई है। देखिए आधिकारिक फाइल पर गृहमंत्री और एलजी के हस्ताक्षर नहीं हैं।
- एपी सिंह ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार के गृहमंत्री और उपराज्यपाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के कारण इस आधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर नहीं हैं।
- वह आगे बोला कि मैं हाथ जोड़कर आप से कह रहा हूं कि मैं आपको वो कागजात दिखा सकता हूं जिसमें हस्ताक्षर नहीं हैं। यह लेटर व्हाट्सएप से आया था। इस पर अदालत ने कहा कि हम दस्तावेज देख चुके हैं।
- तब एपी सिंह ने कहा कि मैं वो दस्तावेज जमा कराना चाहता हूं लेकिन वो मेरे पास नहीं हैं। इस पर अदालत ने कहा कि यह अदालत के संज्ञान के लिए है आपके लिए नहीं।
- इस पर वकील एपी सिंह ने कहा यह दुर्भावनापूर्ण है। तब जस्टिस अशोक भूषण ने पूछा कि दुर्भावना? किसके प्रति?
- सुप्रीम कोर्ट ने एपी सिंह के दस्तावेज उपलब्ध कराने के निवेदन को ठुकरा दिया।
- अदालत ने बताया कि फाइल कहती है कि गृहमंत्री दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल सबके हस्ताक्षर दया याचिका के लिए भेजे गए दस्तावेजों में है।
- तब अदालत ने पूछा कि व्हाट्सएप मैसेज क्या है। इस पर एपी सिंह ने कहा कि हस्ताक्षर ओएसडी ने व्हाट्सएप पर प्राप्त किए थे। अगर मैं वो फाइल छू नहीं सकता तो मैं उसे समझ नहीं सकता। मेरे मुवक्किल के लिए फाइल जरूरी है।
- एपी सिंह ने ये भी कहा कि विनय के मेडिकल रिपोर्ट को भी राष्ट्रपति के समक्ष नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि केस की सोशल जांच रिपोर्ट और दोषी का नॉमिनल रोल भी अदालत के सामने नहीं रखा गया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इस केस में दोषियों के बीच कोई भेदभाव ही नहीं किया गया है।
- एपी सिंह ने कहा कि जिस दिन विनय की दया याचिका खारिज हुई थी उसी दिन दिल्ली पुलिस कमिश्नर को खत लिखकर दस्तावेजों की पठनीय कॉपी मांगी थी। इससे पता चलता है कि दस्तावेजों को राष्ट्रपति के सामने नहीं रखा गया था।
- एपी सिंह ने कहा कि मैंने कल तीन घंटे बिताए दस्तावेज लेने के लिए। मैंने हाथ जोड़कर विनती की लेकिन उन्होंने दस्तावेज नहीं दिए।
- इस पर अदालत ने एसजी से कहा कि उक्त दस्तावेज दिखाएं। तब जस्टिस भानुमति ने केस की कार्यवाही जिस तरह से चल रही है उस पर आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि पूरी फाइल ही एपी सिंह को दे दी गई है।
- सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसा लगता है कि फाइल देखकर उसकी कमिया ढूंढने की कोशिश हो रही है ताकि केस को लटकाया जा सके। इस केस में पुनर्विचार की संभावना सीमित है।
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अलग-अलग फांसी देने की याचिका भी 14 फरवरी तक के लिए टली
निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र व दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक दिन के लिए टाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को पिछली सुनवाई में नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। हालांकि आज भी उनके द्वारा जवाब न दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक दिन का समय देते हुए इस केस की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है।
आज कोर्ट में क्या-क्या हुआ
- केस की सुनवाई शुरू हुई तो दोषी मुकेश की वकील वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि तिहार प्रशासन और निर्भया के माता-पिता ने सत्र न्यायालय में नए डेथ वारंट के लिए आवेदन डाल दिया है। इसके साथ ही ग्रोवर ने ये भी बताया कि अब एपी सिंह पवन का केस नहीं लड़ रहे हैं। साथ ही ग्रोवर ने एएसजे धर्मेंद्र राणा का बुधवार को पास किया आदेश भी कोर्ट में पढ़ा।
- वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट को ये भी बताया कि दोषी पवन को वकील मुहैया करवाया जा रहा है ताकि सुनवाई में देरी न हो और आज ही डेथ वारंट पर सुनवाई होगी।
- सॉलिसिटर जनरल(एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि यह अपेक्षित नहीं था कि वकील बदल जाएगा।
- वकील एपी सिंह ने कहा कि वह दोषी अक्षय और विनय की पैरवी कर रहा है।
- वृंदा ग्रोवर ने अदालत को बताया कि अदालत में केंद्र सरकार की एक याचिका भी लंबित है, जिसमें दोषियों को फांसी देने के निर्देश देने की अपील है।
- अदालत ने विनय और अक्षय को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही अदालत ने केस की अंतिम सुनवाई 14 फरवरी दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी है। साथ ही अदालत ने पवन के लिए एमिकस नियुक्त करने को भी कहा है।
- तब एसजी मेहता ने वरिष्ठ वकील अंजना प्रकाश का नाम सुझाया। इस पर वृंदा ग्रोवर ने कहा कि मैं अंजना प्रकाश से पूछूंगी फिर अदालत को जानकारी दूंगी।
- इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंजना प्रकाश को दोषी पवन के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त कर दिया।