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एनआरएचएम : सीबीआई फिर फेल, आरोपी को बेल
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 28 Feb 2014 12:53 PM IST
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एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई एक बार फिर फेल हो गई। सुल्तानपुर सीएमओ कार्यालय में तैनात सीनियर क्लर्क को कोर्ट ने जमानत दे दी है। गिरफ्तारी के 90 दिन बीत जाने के बावजूद सीबीआई आरोपी क्लर्क केखिलाफ चार्जशीट पेश नहीं कर पाई।
यूपी में हुए हजारों करोड़ के घोटाला प्रकरण में सीबीआई अब तक तीन दर्जन से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर चुकी है। एक एफआईआर सीबीआई ने सुल्तानपुर के तत्कालीन सीएमओ वीकेएस शिशौदिया, डा. केआर लाल के अलावा शिवम आप्टिकल नामक फर्म के प्रोपराइटर अरविंद द्विवेदी के खिलाफ दर्ज की थी।
जांच के बाद सीबीआई ने इस प्रकरण में सीएमओ आफिस में वर्ष 2009-10 के दौरान सीनियर क्लर्क रहे दिलीप कुमार दुबे की भूमिका भी घोटाले में संदिग्ध नजर आई थी। इसके बाद सीबीआई ने दिलीप को 29 नवंबर 2013 को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से आरोपी डासना जेल में बंद है।
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90 दिन बीतने पर भी चार्जशीट पेश न होने पर सीबीआई विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह ने आरोपी को 167(2)(ए) का लाभ दे दिया। कोर्ट ने 50 हजार के निजी बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर जमानत मंजूर कर ली है।
बता दें कि इससे पूर्व घोटाले में फंसे आईएएस प्रदीप शुक्ला, यूपीएसआईसी के पूर्व निदेशक अभय वाजपेयी समेत कई आरोपियों के खिलाफ भी सीबीआई ने 90 दिनों में चार्जशीट कोर्ट में पेश नहीं की थी। ऐसे में उन्हें भी जमानत मिल गई थी।
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यूपी में हुए हजारों करोड़ के घोटाला प्रकरण में सीबीआई अब तक तीन दर्जन से ज्यादा एफआईआर दर्ज कर चुकी है। एक एफआईआर सीबीआई ने सुल्तानपुर के तत्कालीन सीएमओ वीकेएस शिशौदिया, डा. केआर लाल के अलावा शिवम आप्टिकल नामक फर्म के प्रोपराइटर अरविंद द्विवेदी के खिलाफ दर्ज की थी।
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जांच के बाद सीबीआई ने इस प्रकरण में सीएमओ आफिस में वर्ष 2009-10 के दौरान सीनियर क्लर्क रहे दिलीप कुमार दुबे की भूमिका भी घोटाले में संदिग्ध नजर आई थी। इसके बाद सीबीआई ने दिलीप को 29 नवंबर 2013 को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से आरोपी डासना जेल में बंद है।
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90 दिन बीतने पर भी चार्जशीट पेश न होने पर सीबीआई विशेष न्यायाधीश डा. एके सिंह ने आरोपी को 167(2)(ए) का लाभ दे दिया। कोर्ट ने 50 हजार के निजी बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर जमानत मंजूर कर ली है।
बता दें कि इससे पूर्व घोटाले में फंसे आईएएस प्रदीप शुक्ला, यूपीएसआईसी के पूर्व निदेशक अभय वाजपेयी समेत कई आरोपियों के खिलाफ भी सीबीआई ने 90 दिनों में चार्जशीट कोर्ट में पेश नहीं की थी। ऐसे में उन्हें भी जमानत मिल गई थी।