सम-विषम पर सख्त एनजीटी, फॉर्मूले के दूसरे हफ्ते में बढ़ा प्रदूषण
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दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) लगातार सुनवाई कर रहा है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) की ओर से पेश वकील ने सोमवार को बेंच के सामने यह स्वीकार किया कि सम-विषम योजना के दौरान दूसरे हफ्ते (22 से 30 अप्रैल तक)में प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
वहीं बेंच ने इस रिपोर्ट पर सुनवाई के लिए 18 मई की तारीख तय की है। इस सुनवाई में बेंच केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट पर भी गौर करेगी। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने वर्धमान कौशिक बनाम भारत सरकार के मामले पर सुनवाई की।
इस दौरान डीपीसीसी की ओर से पेश वकील ने बताया कि सम-विषम योजना के दौरान दूसरे हफ्ते प्रदूषण बढ़ने के कई कारण थे। गौरतलब है एनजीटी सम-विषम को लेकर सरकार को फटकार लगा चुका है।
'जंगल और खेतों में आग ने बिगाड़ी दिल्ली की हवा '
डीपीसीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, हवा की रफ्तार में कमी, उत्तराखंड और हिमाचल के जंगलों में आग लगने की घटना व पंजाब और हरियाणा में खेतों का जलाया जाना भी इस प्रदूषण में बढ़ोतरी के जिम्मेदार हैं।
इसके अलावा सीपीसीबी ने भी हाल ही में दाखिल रिपोर्ट में बताया था कि 23 अप्रैल के बाद से लगातार 30 अप्रैल तक राजधानी में हवा की स्थिति खराब रही। इस मामले पर अब एनजीटी इन दोनों रिपोर्ट पर गौर करेगा।
इसके अलावा हाल ही में एनजीटी दिल्ली सरकार को यह फटकार लगा चुका है कि सम-विषम योजना की तर्ज पर सरकार कूड़ा-कचरा जलाने पर रोक, निर्माण के दौरान धूल प्रदूषण पर रोक के लिए संजीदगी क्यों नहीं दिखा रही है। अब अगली सुनवाई पर एनजीटी इन्हीं पहलुओं पर गौर करेगा।