{"_id":"683fb68dc56792e0d6008a71","slug":"ngt-sought-response-from-government-mcd-and-pwd-on-student-s-petition-2025-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: किशोर की याचिका पर एनजीटी ने सरकार एमसीडी और पीडब्ल्यूडी से मांगा जवाब, जानें क्या है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: किशोर की याचिका पर एनजीटी ने सरकार एमसीडी और पीडब्ल्यूडी से मांगा जवाब, जानें क्या है मामला
Wed, 04 Jun 2025 08:29 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 04 Jun 2025 08:29 AM IST
सार
एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
एनजीटी
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कबूतरों की समस्या पर 13 वर्षीय स्कूली छात्र की याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। स्कूली छात्र अरमान पालीवाल ने दिल्ली के फुटपाथ पर कबूतरों की वजह से फैल रही गंदगी और इससे उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ याचिका दाखिल की थी।
विज्ञापन
एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार, एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को नोटिस जारी कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 8 अक्तूबर तक स्थगित करते हुए पीठ ने कहा कि याचिका में उठाए गए पर्यावरण नियमों के अनुपालन से संबंधित मुद्दों पर विचार करने की आवश्यकता है। याचिकाकर्ता अरमान पालीवाल की ओर से पेश अधिवक्ता आशीष जैन ने तर्क दिया कि फुटपाथ पर कबूतरों को दाना खिलाने के कारण उनकी संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने आरोप लगाया कि कबूतरों के मल के विषैले कण सांस के जरिये लोगों के फेफड़ों में पहुंचते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यह बीमारियां फेफड़ों में जख्म और सांस लेने में कठिनाई का कारण बनती हैं। अधिवक्ता ने दावा किया कि एक कबूतर प्रतिवर्ष 12 से 15 किलोग्राम मल उत्पन्न करता है। दिल्ली में 25 लाख से अधिक कबूतर हैं।
विज्ञापन
फुटपाथ पर दाना खिलाने पर रोक के लिए जुर्माना लगे
अरमान ने अपनी याचिका में स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत कबूतरों की संख्या से नहीं, बल्कि फुटपाथ पर अवैध रूप से कब्जा कर दाना बेचने वालों से है। इन गतिविधियों के कारण लोग फुटपाथों पर रुककर कबूतरों को दाना खिलाते हैं, जिससे न केवल स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं, बल्कि यातायात में भी बाधा आती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में मांग की गई है कि फुटपाथों पर अवैध दाना बिक्री पर रोक के लिए जुर्माना लगाने का प्रावधान किया जाए।