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गाजियाबाद: अस्पताल में नवजात के पैर जले, रेडिएंट वॉर्मर में रखा गया था प्री-मेच्योर जन्मा बच्चा
Mon, 07 Jan 2019 10:18 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 07 Jan 2019 10:18 AM IST
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक बार फिर से धरती के भगावनों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मोदीनगर में डॉक्टर की लापरवाही की वजह से नवजात के पैर रेडिएंट वार्मर (मशीन) में जलने का मामला सामने आया है।
बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। दूसरे अस्पताल में जाकर इस बात का पता चला। परिजनों ने महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
मेरठ के अधेड़ा गांव निवासी निवासी आसिफ पुत्र कालू खान ने चार जनवरी को गर्भवती पत्नी राशिदा को प्रसव के लिए मोदीनगर के सिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया था। रात को करीब 10 बजे राशिदा ने बेटे को जन्म दिया।
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डॉक्टरों ने बच्चे को प्री-मेच्योर बताते हुए नर्सरी में मशीन पर रखने की सलाह दी। रात करीब 12 बजे डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए उसे दिल्ली या मेरठ के अस्पताल ले जाने को कहा। उसके बाद आसिफ ने बच्चे को मेरठ के साईं अस्पताल में भर्ती कराया।
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बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। दूसरे अस्पताल में जाकर इस बात का पता चला। परिजनों ने महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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मेरठ के अधेड़ा गांव निवासी निवासी आसिफ पुत्र कालू खान ने चार जनवरी को गर्भवती पत्नी राशिदा को प्रसव के लिए मोदीनगर के सिटी केयर अस्पताल में भर्ती कराया था। रात को करीब 10 बजे राशिदा ने बेटे को जन्म दिया।
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डॉक्टरों ने बच्चे को प्री-मेच्योर बताते हुए नर्सरी में मशीन पर रखने की सलाह दी। रात करीब 12 बजे डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए उसे दिल्ली या मेरठ के अस्पताल ले जाने को कहा। उसके बाद आसिफ ने बच्चे को मेरठ के साईं अस्पताल में भर्ती कराया।
नवजात का रोना बंद न होने पर चिकित्सकों ने देखा कि उसके दोनों पैर जले हैं। यह पता चलने पर नवजात की मां की तबीयत बिगड़ गई है। मोदीनगर थाना प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि नवजात के पिता की तहरीर पर डॉ. पल्लवी मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
जल्द ही मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, डॉ. पल्लवी मिश्रा ने आरोप को निराधार बताया है। बच्चा प्री-मेच्योर पैदा हुआ था, जिसके चलते उसकी हालत देखते हुए मेरठ रेफर किया गया है। हमारे अस्पताल में रेडिएंट वार्मर की सुविधा ही नहीं है।
जल्द ही मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, डॉ. पल्लवी मिश्रा ने आरोप को निराधार बताया है। बच्चा प्री-मेच्योर पैदा हुआ था, जिसके चलते उसकी हालत देखते हुए मेरठ रेफर किया गया है। हमारे अस्पताल में रेडिएंट वार्मर की सुविधा ही नहीं है।