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Delhi NCR News: 24 हफ्ते में जन्मे नवजात ने एनआईसीयू के बाद जीत ली जिंदगी
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-जन्म के समय कई अंगों में जटिलताएं थीं, गहन मॉनिटरिंग से मिला जीवन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वसंत कुंज स्थित निजी अस्पताल में एक बेहद नाजुक स्थिति में जन्मे नवजात को डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और एडवांस्ड मेडिकल सपोर्ट से नया जीवन दिया। यह बच्चा सिर्फ 24 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में पैदा हुआ और उसका वजन केवल 640 ग्राम था। जन्म के समय उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं थे और कई अंगों में जटिलताएं थीं। बच्चे को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया। अस्पताल की नियोनेटोलॉजी टीम ने चौबीसों घंटे फ्लूइड, दवा और श्वसन सहायता के जरिये उसकी हालत को स्थिर किया। 90 दिन बाद बच्चे को नया जीवन मिला।
अस्पताल के प्रधान निदेशक और नियोनेटोलॉजी हेड डॉ. राहुल नागपाल ने बताया कि 24 हफ्ते के नवजात के जीवित रहने की संभावना बेहद कम होती है। समय पर इलाज और सख्त इन्फेक्शन कंट्रोल के कारण बच्चे को ब्रेन ब्लीडिंग और गंभीर इंफेक्शन जैसी बड़ी समस्याओं से बचाया जा सका। तीन महीने की लगातार देखभाल के बाद बच्चे का वजन बढ़कर 1.8 किलो हो गया और उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। अब बच्चा छह महीने का है और उसका वजन 6 किलो है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी दृष्टि, सुनने की क्षमता और ब्रेन स्कैन पूरी तरह सामान्य हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वसंत कुंज स्थित निजी अस्पताल में एक बेहद नाजुक स्थिति में जन्मे नवजात को डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और एडवांस्ड मेडिकल सपोर्ट से नया जीवन दिया। यह बच्चा सिर्फ 24 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में पैदा हुआ और उसका वजन केवल 640 ग्राम था। जन्म के समय उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं थे और कई अंगों में जटिलताएं थीं। बच्चे को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया। अस्पताल की नियोनेटोलॉजी टीम ने चौबीसों घंटे फ्लूइड, दवा और श्वसन सहायता के जरिये उसकी हालत को स्थिर किया। 90 दिन बाद बच्चे को नया जीवन मिला।
अस्पताल के प्रधान निदेशक और नियोनेटोलॉजी हेड डॉ. राहुल नागपाल ने बताया कि 24 हफ्ते के नवजात के जीवित रहने की संभावना बेहद कम होती है। समय पर इलाज और सख्त इन्फेक्शन कंट्रोल के कारण बच्चे को ब्रेन ब्लीडिंग और गंभीर इंफेक्शन जैसी बड़ी समस्याओं से बचाया जा सका। तीन महीने की लगातार देखभाल के बाद बच्चे का वजन बढ़कर 1.8 किलो हो गया और उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। अब बच्चा छह महीने का है और उसका वजन 6 किलो है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी दृष्टि, सुनने की क्षमता और ब्रेन स्कैन पूरी तरह सामान्य हैं।
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