क्या बसपा सांसद की पत्नी ने नौकरानी को नहीं मारा?
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दिल्ली में हुए एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस ने बुधवार को एक नया मोड़ ले लिया। पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जागृति सिंह द्वारा अपनी नौकरानी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने जो रिपोर्ट पेश की है वह चौंकाने वाली है।
पुलिस द्वारा फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जो नई चार्जसीट दायर की गई है वह पुलिस के ही पुराने दावे को गलत साबित करती है। गौरतलब है कि बसपा सांसद और उसकी पत्नी पर नौकरानी की हत्या का मामला चल रहा है।
इस मामले में पुलिस ने फरवरी में जो चार्जशीट दायर की थी उसमें कहा गया था कि नौकरानी पर आयरन, छड़ी और लोहे की छड़ से हमला किया गया था। इस हमले में नौकरानी की मौत हो गई थी।
हमले में इस्तेमाल सामान पर नहीं मिला कोई सबूत
हमले में इस्तेमाल की गई सारी चीजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। जांच में इनमें से किसी भी सामान पर खून के कोई दाग नहीं पाए गए हैं।
फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार जांच के लिए भेजे गए डंडे, आयरन और दो मेटलिक हॉर्नस में से किसी पर भी मृतका के खून या चमड़ी के कोई भी अंश नहीं पाए गए हैं।
गौरतलब है कि सिंह दम्पति के खिलाफ इसी साल फरवरी में चार्ज सीट दायर की गई थी। इसमें बताया गया था कि सिंह दंपत्ति अपने तीन नौकरानियों को बुरी तरह पीटते थे। इस प्रताड़ना से ही एक नौकररानी की मौत हो गई। नौकरानी की मौत के बाद से ही धनंजय सिंह की पत्नी जागृति सिंह न्यायिक हिरासत में है।
अभी तक नहीं मिली एसएमएस की डिटेल
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर को समय पर रिपोर्ट न पेश करने पर फटकार लगाई थी। जिसके जवाब में पुलिस ने जल्द ही रिपोर्ट पेश करने की बात कही थी।
पुलिस के मुताबिक अभी तक आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं मिली है। इस आधार पर कोर्ट ने धनंजय सिंह की अंतरिम बेल को 30 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दोनों आरोपियों के बीच हुए एसएमएस की बातचीत का ब्योरा भी अब तक प्राप्त नहीं हो सका है।