केजरीवाल सरकार करेगी 'आप' की रक्षा

अखिलेश कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Jan 2014 10:14 PM IST
new lokpal bill in delhi
दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले (व्हिसल ब्लोअर) एक्टिविस्ट व अधिकारियों को सुरक्षा कवच देने की तैयारी की है।

इसकी शुरुआत दिल्ली लोकायुक्त बिल, 2014 के प्रावधानों से होगी। इसके तहत भ्रष्टाचार से लड़ने वालों को प्रताड़ित करने वाले लोग भ्रष्टाचारी की श्रेणी में आएंगे। व्हिसल ब्लोअर लोकायुक्त के पास शिकायत कर सकेंगे, जिसकी सुनवाई भ्रष्टाचार प्रावधानों के तहत की जाएगी।

बता दें कि अभी तक देश भर में ऐसा कोई कानून नहीं है। भ्रष्टाचार से लड़ने वाले व्यक्ति पर हमले या उसकी हत्या के बाद पुलिस कार्रवाई का ही प्रावधान है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि दिल्ली के लोकायुक्त कानून का ड्राफ्ट तैयार है। आगामी सप्ताह में इस पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी।

फरवरी के पहले सप्ताह में विशेष सत्र बुलाकर कानून को पास किया जाएगा। दिल्ली सरकार के सूत्र बताते हैं कि सभी विभागों को ड्राफ्ट भेजा गया था, जिसके तहत विभागों ने अपने सुझाव दे दिए हैं। ड्राफ्ट कानून में भ्रष्टाचार की जो परिभाषा तय की गई है, उसमें अगर व्हिसल ब्लोअर को कोई प्रताड़ित करता है तो यह भ्रष्टाचार माना जाएगा।

वहीं हर विभाग, जो सिटीजन चार्टर में कार्य के दिन तय करेगा, अगर उसमें लगातार कोताही बरतता है और बिना वजह किसी को तंग करता है तो भी लोकायुक्त के दायरे में भ्रष्टाचार के तहत आएगा।

सूत्र बताते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र सरकार की अनुमति के बिना ही दिल्ली लोकायुक्त बिल, 2014 को विधानसभा में पास कराने पर माथापच्ची कर रही है, जबकि प्रत्येक कानून जो संविधान की धारा 239एए के तहत तय हैं या केंद्रीय कानून हैं, उसमें बदलाव या नए कानून के लिए केंद्र सरकार की अनुमति अनिवार्य है।

दिल्ली सरकार यह मानकर चल रही है कि अगर एक बार लोकायुक्त बिल केंद्र सरकार को अनुमति के लिए भेज दिया गया और वहां से स्वीकृत होकर वापस नहीं आएगा। ऐसे में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार वादे के मुताबिक बिल पास नहीं कर पाएगी।

व्हिसल ब्लोअर की रक्षा के लिए अभी तक नहीं कोई कानून
भारत सरकार में व्हिसल ब्लोअर की रक्षा के लिए कई बार बिल आए। इसकी शुरुआत 2003 में हुई थी। फिर अगस्त, 2010 में एक बिल लोकसभा में पास भी हुआ। इसके बाद जून, 2011 में केंद्रीय कैबिनेट ने द व्हिसल ब्लोअर बिल, 2011 को स्वीकृति दी। 28 दिसंबर, 2011 को बिल लोकसभा ने पास किया गया। बाद में 29 मार्च, 2012 को राज्यसभा में रखा गया, लेकिन अभी तक यह बिल लंबित है।

एक नजर में दिल्ली लोकायुक्त बिल, 2014
-भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को प्रताड़ित किया तो उसके खिलाफ लोकायुक्त की सिफारिश पर विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा।
-दिल्ली सरकार में तैयार हुआ दिल्ली लोकायुक्त बिल, 2014 का ड्राफ्ट
-एक मुख्य लोकायुक्त के साथ 10 लोकायुक्त को तैनात किए जाने की व्यवस्था
-हाईकोर्ट की तरह डबल बेंच में भी होगी मुकदमे की सुनवाई
-दिल्ली के लोकायुक्त कानून में हर विभाग को सिटीजन चार्टर बनाकर सभी कार्यों की समय सीमा तय करनी होगी।
-सिटीजन चार्टर का पालन नहीं होने की स्थिति में शिकायत सुनने के लिए प्रत्येक विभाग में एक अपील अधिकारी की नियुक्ति होगी।
-चार्टर में अपील अधिकारी की सुनवाई से संतुष्ट नहीं होने पर उपभोक्ता सीधे लोकायुक्त के पास शिकायत कर सकेगा।
-चार्टर में निर्धारित समय सीमा पर सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक जुर्माना किया जाएगा।
-अभी ईएसएल में दैनिक 10 रुपये व अधिकतम 200 रुपये जुर्माना है।
-दिल्ली लोकायुक्त बिल, 2014 के दायरे में दिल्ली सरकार के चपरासी से लेकर मुख्यमंत्री तक आएंगे।
-भ्रष्टाचार के मामले में अधिकतम सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है।

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