{"_id":"5cd9cc3fddfd205fe0122daaa3837f75","slug":"new-guidelines-for-nursery-admissions-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्सरी दाखिला: नई गाइडलाइंस ने खत्म किया सस्पेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नर्सरी दाखिला: नई गाइडलाइंस ने खत्म किया सस्पेंस
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 28 Feb 2014 04:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के निजी स्कूलों में नर्सरी दाखिले को लेकर बना सस्पेंस नई गाइडलाइंस ने समाप्त कर दिया है। शिक्षा निदेशालय ने बृहस्पतिवार देर रात दाखिले का नया फॉर्मूला जारी कर दिया।
विज्ञापन
पहले के 100 अंक के फॉर्मूले में से स्थानातंरण के पांच अंक समाप्त कर दिए गए हैं। फॉर्मूला अब 95 अंक का होगा।
यह भी पढ़ें:डीयू में ऑनलाइन पीजी एडमिशन एक मार्च से
विज्ञापन
राहत की बात यह है कि नेबरहुड, सिबलिंग, एल्युमिनाई कैटेगिरी में से सिर्फ नेबरहुड के 70 अंक के लिए ही लॉटरी दोबारा होगी। इस तरह 70 अंक पाने वाले व वेटिंग लिस्ट में जगह बना चुके बच्चों को भी दाखिले का मौका मिल सकेगा।
विज्ञापन
स्थानांतरण केस वाले, जो कि अब 70 अंक वालों में आ गए हैं, और 70 अंक वाले वेटिंग लिस्ट के बच्चों के लिए दोबारा लॉटरी या ड्रा निकाला जाएगा। इसके आधार पर पहली सूची 15 व दूसरी 20 मार्च को जारी की जाएगी। तीसरी सूची की स्थिति बनी तो उसे 21 से 31 मार्च के बीच स्कूलों को जारी करना होगा।
शिक्षा निदेशालय ने इंटरस्टेट स्थानांतरण के 5 अंक देने में गड़बड़ियां सामने आने के बाद इसके पांच अंकों को समाप्त कर दिया है। इन अंकों के आधार पर सीट पक्की कर चुके सभी बच्चों का दाखिला रद्द हो गया है। अब इनके और सीट नहीं पाने वाले वेटिंग लिस्ट के बच्चों के लिए स्कूल दुबारा लॉटरी निकालेंगे। इस राहत से वेटिंग लिस्ट वालों के लिए भी दाखिले की उम्मीद जग गई है।
यह भी पढ़ें:अब एमिटी में पढ़िए बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के कोर्स
उपराज्यपाल के निर्देश पर निदेशालय की अतिरिक्त सचिव (एजुकेशन) मधु रानी तेवतिया की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लिस्ट जारी करने वाले स्कूलों को इंटरस्टेट ट्रांसफर के अंक हटाकर लिस्ट में सुधार करना होगा।
निर्देश के मुताबिक, इंटरस्टेट ट्रांसफर के अंक बच्चों को लाभ देने के लिए दिए गए थे, लेकिन इसमें गड़बड़िया पाई गईं। अभिभावकों ने इसकी शिकायत की। ऐसा देखा गया कि नेबरहुड के 70 अंक पाने वालों को लाभ नहीं मिल रहा था। इसलिए निदेशालय ने 100 प्वाइंट्स वाली चार कैटेगरी में निर्धारित क्राइटेरिया को 95 अंक का कर दिया है। इसमें तीन मानक नेबरहुड, सिबलिंग व पैरेंट्स एलुमिनाई होंगे। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया 31 मार्च को समाप्त हो जाएगी।