स्कूल की लापरवाही: खुला रहता था टैंक का ढक्कन
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रेयान स्कूल के छात्र देवांश की मौत मामले की शुरुआती तफ्तीश में ये बात सामने आ गई है कि वाटर टैंक व पिट का ढक्कन स्कूल टाइम के समय हर रोज खुला रहता था। स्कूल प्रशासन ने ऐसे कोई इंतजाम भी नहीं किए थे जिससे स्कूली छात्र वाटर टैंक की तरफ न जा सकें।
हादसे के बाद मंगलवार को स्कूल पहली बार खुला। एसडीएम की टीम ने स्कूल पहुंचकर तफ्तीश की। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद देवांश की हत्या की बात से इंकार कर दिया है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में ये बात सामने आई कि पंप ऑपरेटर सुबह केसमय वाटर टैंक को खोल देता था।
हादसे के समय स्कूल का कोई केयरटेकर भी मौजूद नहीं था
इसकेबाद माली पेड़ों में पानी देता था। जिस समय देवांश वाटर टैंक में डूबा था उस समय पंप हाउस ऑपरेटर मौके पर नहीं था। ऐसे में पुलिस पंप ऑपरेटर को हादसे के लिए काफी हद तक जिम्मेदार मान रही है।
हादसे के समय स्कूल का कोई केयरटेकर भी मौजूद नहीं था। दिल्ली पुलिस एक दर्जन से ज्यादा टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ से पूछताछ कर चुकी है।
अभी तक की जांच में स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही सामने आई है।पुलिस हादसे के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार स्कूल प्रिंसिपल संध्या साबू को मान रही है। पुलिस सूत्रों का ये भी कहना है कि जांच में से बात सामने आई है कि देवांश मेडिकल रूप से पूरी तरह फिट था।
माता-पिता ने उपमुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है
रेयान स्कूल के वाटर टैंक में डूब कर मौत के मुंह में समाए छह वर्षीय छात्र देवांश ककरोला के माता-पिता ने मंगलवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र लिखा है। पत्र लिखकर माता-पिता ने उपमुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है।
परिजन मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि देवांश की मौत कैसे हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है। उनके बेटे को लेकर कोई षडयंत्र रचा गया है।
देवांश के पिता रामहेत मीणा ने सिसोदिया को लिखे पत्र में उनसे मिलने का समय मांगा है। उन्होंने पत्र में मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।