रोगी के शरीर में पट्टी छोड़ी, आफत में पड़ी जान
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सेक्टर-51 होशियारपुर के मूर्ति मेडिकेयर सेंटर में एक रोगी के शरीर में 32 इंच की पट्टी छूट जाने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप लगाने वाले रोगी का कहना है कि दर्द होने पर अस्पताल के डॉक्टर ने वहम कहकर भगा दिया। दिल्ली के अस्पताल में ऑपरेशन कर पेट से पट्टी के टुकड़े निकाले गए और जीटीबी अस्पताल में संक्रमण का इलाज हुआ।
सेक्टर- 70 बसई गांव निवासी किशनपाल (45साल) ने बताया कि बाएं कूल्हे में 29 अगस्त 2012 में फोड़ा हुआ। मूर्ति मेडिकेयर सेंटर के डॉ. यूके सिंह ने फोड़े का आपरेशन किया और 30 अगस्त को ड्रेसिंग के दौरान बीटाडीन लिक्विड में भिगोकर पट्टी घाव के काफी अंदर तक डाल दी दी।
31 अगस्त को छुट्टी दे दी गई। पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर डॉ. सिंह ने दवा देकर घर भेज दिया। सुधार न होने पर दो सिंतबर को दवाएं बदल कर दे दी गईं लेकिन दर्द बढ़ता गया।
जान तो बच गई लेकिन अभी तक घाव पूरी तरह सामान्य नहीं
तीन सितंबर को फिर डॉक्टर के पास गया, जिसमें उन्होंने वहम होना कहकर भगा दिया। किशनपाल ने बताया कि सात सितंबर को दिल्ली के मोती बाग स्थित चरक पालिका अस्पताल में भर्ती हुआ।
10 सिंतबर को पेट का ऑपरेशन किया गया, जिसमें पेट से पट्टी के टुकड़े निकले। अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी और संक्रमण काफी बढ़ चुका था। इसके कारण सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां बेड न मिलने के कारण जीटीबी अस्पताल ले जाया गया।
संक्रमण के इलाज के बाद 28 सितंबर 2012 को अस्पताल से छुट्टी दी गई। रोगी ने बताया कि जान तो बच गई लेकिन अभी तक घाव पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है।
मामले की शिकायत थाना सेक्टर-49 में लेकर गया, जहां पुलिस ने शिकायत नहीं ली, जिसके बाद शिकायती प्रार्थना पत्र रजिस्टर्ड डाक से एसएसपी गौतमबुद्ध नगर को भेजी गई लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई। किशनपाल ने जिला न्यायालय में वाद दायर की है। उन्होंने बताया कि सुनवाई 20 फरवरी 2016 को है।
और भी हैं लापरवाही के मामले
-सेक्टर 62 स्थित फोर्टिस अस्पताल में मरीज के पेट में कॉटन छूटने का मामला प्रकाश में आया था। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में पेट से ऑपरेशन कर कॉटन निकाला गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच में डॉक्टर की गलती पाई थी।
-जालंधर में चार साल की बच्ची का डॉक्टर ने गलत आंख का ऑपरेशन कर दिया। परिजनों ने थाने में डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
-गाजियाबाद के अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात बच्ची का डॉक्टर ने गलती से गाल काट दिया। बच्ची को गाल में 12 टांके लगाए गए। हालांकि बच्ची अब ठीक है।