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सांसत में सांस : प्रदूषण का असर, नेबुलाइजर की मांग बढ़ी , बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
Fri, 18 Oct 2019 03:45 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 18 Oct 2019 03:45 AM IST
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- फोटो : pixa
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दिल्ली की आबोहवा खराब होने से बाजार में नेबुलाइजर की मांग बढ़ गई है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। भागीरथ पैलेस जैसे थोक बाजार, अस्पतालों के आसपास की दवा दुकानों में नेबुलाइजर की बिक्री में खासा इजाफा हुआ है। डॉक्टर भी नेबुलाइजर की मांग बढ़ने की पुष्टि कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर सुबह में लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो नेबुलाइजर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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भागीरथ पैलेस के व्यापारी विक्रम सचदेवा बताते है कि दिल्ली में नेबुलाइजर जैसे मेडिकल डिवाइस की मांग लगभग एक जैसी रहती है, लेकिन हर वर्ष अक्तूबर माह में काफी इजाफा होता है। अभी तक नेबुुलाइजर की मांग सामान्य थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह में दुकानों से बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं।
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वहीं महेश भूपति बताते है कि जिन दुकानों से 10 या 15 नेबुलाइजर का ऑर्डर आता था वहां 30 तक भेजे जा रहे हैं। लक्ष्मी नगर स्थित दवा विक्रेता श्याम गोयल का कहना है कि अधिकतर लोगों ने अपने बच्चे या माता- पिता के लिए नेबुलाइजर खरीद रहे हैं। एम्स के श्वसन रोग विशेषज्ञ डॉ. करण मदान की मानें तो दिल्ली में इसी महीने हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।
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आमतौर पर ऐसा लगता है कि ये कुछ दिनों में ठीक हो जाएगा लेकिन सर्दियों और अन्य पर्यावरणीय कारकों के कारण दिवाली के आसपास होने वाले प्रदूषण को कम होने में लगभग 4 महीने लगते हैं। इसलिए प्रदूषण का खतरा लंबे समय के लिए बढ़ जाता है। इससे प्रत्येक व्यक्ति खराब वायु गुणवत्ता से प्रभावित होता है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर होता है।