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फरार दारोगाओं के खिलाफ गैर जमानती वारंट!
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 15 Feb 2014 12:32 AM IST
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नोएडा में प्रॉपर्टी डीलर को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर साढ़े पांच लाख रुपये की उगाही करने के मामले में फरार चल रहे दोनों दारोगाओं के खिलाफ पुलिस ने जिला न्यायालय में गैर जमानती वारंट जारी कराने के लिए अर्जी दाखिल की है।
गौरतलब है कि तीन फरवरी को कोतवाली सेक्टर-20 के एसएसआई शरद मलिक और जीआईपी चौकी प्रभारी विवेक शर्मा पर आरोप लगा था कि प्रॉपर्टी डीलर को पहले बंधक बनाया। इसके बाद छोड़ने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये की मांग की। न देने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी।
पीड़ित ने दारोगाओं के चंगुल से छूटने के लिए पांच लाख रुपये दे दिए। इसके बाद मामले की शिकायत एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से की। एसएसपी ने तत्काल दोनों दारोगाओं पर मामला दर्ज करने एवं गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
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पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए आरोपियों के घर छापेमारी की, मगर एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। दोनों अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालतों में जमानत की मांग करने लगे, मगर आरोपियों को जमानत नहीं मिली।
इधर, मामले की जांच कर रहे सीओ द्वितीय विश्वजीत श्रीवास्तव ने गिरफ्तारी न होने पर दोनों दारोगाओं के खिलाफ जिला अदालत में नॉन बेलेबल वारंट लेने के लिए अर्जी दाखिल की है। सीजेएम कोर्ट से एनबीडब्ल्यू मिल जाती है तो दोनों आरोपी दारोगाओं को कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। यदि फिर भी आरोपी फरार रहेंगे, तो आरोपी के घर की कुर्की करने की न्यायालय से अनुमति मांगी जाएगी।
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गौरतलब है कि तीन फरवरी को कोतवाली सेक्टर-20 के एसएसआई शरद मलिक और जीआईपी चौकी प्रभारी विवेक शर्मा पर आरोप लगा था कि प्रॉपर्टी डीलर को पहले बंधक बनाया। इसके बाद छोड़ने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये की मांग की। न देने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी थी।
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पीड़ित ने दारोगाओं के चंगुल से छूटने के लिए पांच लाख रुपये दे दिए। इसके बाद मामले की शिकायत एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से की। एसएसपी ने तत्काल दोनों दारोगाओं पर मामला दर्ज करने एवं गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
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पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए आरोपियों के घर छापेमारी की, मगर एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। दोनों अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अदालतों में जमानत की मांग करने लगे, मगर आरोपियों को जमानत नहीं मिली।
इधर, मामले की जांच कर रहे सीओ द्वितीय विश्वजीत श्रीवास्तव ने गिरफ्तारी न होने पर दोनों दारोगाओं के खिलाफ जिला अदालत में नॉन बेलेबल वारंट लेने के लिए अर्जी दाखिल की है। सीजेएम कोर्ट से एनबीडब्ल्यू मिल जाती है तो दोनों आरोपी दारोगाओं को कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। यदि फिर भी आरोपी फरार रहेंगे, तो आरोपी के घर की कुर्की करने की न्यायालय से अनुमति मांगी जाएगी।