फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   muslim voters are silent in up election

ये है यूपी चुनाव का जातिगत समीकरण, जानिए क्यों चुप हैं मुस्लिम वोटर

Sun, 12 Feb 2017 01:49 PM IST
एसएस अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा
एसएस अवस्थी/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 12 Feb 2017 01:49 PM IST
विज्ञापन
muslim voters are silent in up election
- फोटो : लाल सिंह

गौतमबुद्ध नगर में इस बार चुनावी मुद्दा विकास ही है, फिर भी प्रत्याशी ‘मेरे वोटर तेेरे वोटर’ कहते घूम रहे हैं। प्रत्याशी जातिवाद पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं, लेकिन मुस्लिम वोटरों की चुप्पी सभी को बेचैन कर रही है।

विज्ञापन


मतदान से दो दिन पूर्व कहीं सीधा मुकाबला दिख रहा है तो कहीं त्रिकोणीय। सच्चाई यही है कि चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम अखिलेश यादव, कांग्रेस से राहुल गांधी और बसपा से मायावती के नाम पर ही लड़ा जा रहा है। दरअसल, पिछले 10 साल के चुनावों के समीकरण पर ध्यान दें तो इस बार भी मतदाताओं को बहुत कुछ बदला हुआ नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन


इतना जरूर है कि नोएडा इस बार वीवीआईपी सीट हो गई है, क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र चुनाव लड़ रहे हैं। दादरी और जेवर में बहुत कुछ बदला नहीं है और जातिवाद के आधार पर प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूरी सरकार लड़ा रही चुनाव

muslim voters are silent in up election
नोएडा विधानसभा सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी पंकज सिंह के लिए केंद्र सरकार पूरी ताकत लगा रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, कलराज मिश्र, वेंकैया नायडू, बाबुल सुप्रियो, पीयूष गोयल आदि प्रत्याशी को जिताने के लिए आ चुके हैं। फिर भी दूसरी पार्टियों का नारा ‘स्थानीय विधायक चाहिए’ मंत्रियों को परेशान कर रहा है।

टक्कर देने के लिए सपा-कांग्रेस प्रत्याशी सुनील चौधरी हैं जिन्हें अखिलेश यादव और राहुल गांधी से बल मिल रहा है। उधर, बसपा प्रत्याशी रविकांत मिश्रा भी पूरी ताकत से डटे हैं। ब्राह्मण चेहरा, पार्टी वोट के अलावा सेक्टरों-गांवों में कड़ी मेहनत की बात कही जा रही है। रालोद से बृजेश यादव भी मैदान में हैं।

दादरी में बहुत कुछ नहीं बदला
दादरी विधानसभा क्षेत्र गुर्जर बहुल है। यही कारण है कि भाजपा ने तेजपाल नागर, बसपा से सत्यवीर गुर्जर, कांग्रेस-सपा से समीर भाटी और रालोद से रविंद्र भाटी चुनाव लड़ रहे हैं। फिलहाल, जो तस्वीर उभरकर आ रही है, उसमें किसी भी प्रत्याशी की लहर वाली बात नहीं है।

मुकाबला त्रिकोणीय है। हार-जीत का फासला बहुत बड़ा होने की संभावना नहीं है। रविंद्र भाटी सीधे मुकाबले में तो नहीं हैं, लेकिन टिकट कटने से वह सपा से खासे नाराज हैं। उनकी नाराजगी किसी प्रत्याशी का खेल बना सकती है तो किसी का बिगाड़ भी सकती है।

जेवर में धुव्रीकरण

muslim voters are silent in up election

क्षेत्र के लोगों से हुई बातचीत के आधार पर गुर्जर और ठाकुर बहुल सीट पर इस बार चुनाव फंसा हुआ है। दो बार से विधायक बसपा से वेदराम भाटी को सीधे टक्कर ठाकुर धीरेंद्र सिंह से मिल रही है। चुनाव जातिगत ध्रुवीकरण की तरफ बढ़ रहा है।

इसी के साथ सपा-कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी नरेंद्र नागर भी खुद को रेस में मान रहे हैं। रालोद प्रत्याशी कमल शर्मा काफी लंबे अर्से से भाजपा से जुड़े रहे थे। अकेले ब्राह्मण प्रत्याशी हैं और क्षेत्र में जाटों की संख्या ठीकठाक है। उनका हर वोट खुद के लिए मायने रखेगा।

चुनाव में हर बार की तरह मुस्लिम वोटर चुप हैं। किसी भी पार्टी की लहर नहीं है, यह मतदाता बखूबी जानते हैं। मुस्लिम वोटर आखिरी वक्त पर फैसला लेता है। अगर वोट बंट गए तो उसका नतीजा बहुत प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन एकतरफा वोटिंग हुई तो निश्चित ही हार-जीत का फासला बड़ा हो सकता है, क्योंकि नोएडा, दादरी और जेवर में ठीकठाक मुस्लिम मतदाता हैं।- प्रो. दुष्यंत कुमार, राजनीति विभाग द्रोणाचार्य डिग्री कॉलेज दनकौर

तीन विधानसभा सीटों पर 36 प्रत्याशी मैदान में
दादरी- 14
नोएडा-14 
जेवर-8
कुल -36

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed