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बंदरों के आंतक से ग्रामीण भयभीत, दो बच्चों को किया घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:52 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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खंड के गांव छारौड़ा में बंदरों के एक गिरोह द्वारा घर की छत व आंगन में खेल रहे दो छोटे बच्चों पर हमला कर कर नाखून से नौंच डालने का मामला सामने आया है। परिजनों ने बड़ी मुश्किल से बंदरों से बच्चों को छुड़ाया। घायल बच्चों का इलाज नूंह सीएचसी से कराया जा रहा है। ग्रामवासियों ने स्थानीय व जिला प्रशासन से बंदरों को पकड़वाकर दूर जंगल में ले जाकर छोड़ने की मांग की।
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गांव छारौडा़ के पंच विनोद, केला, जगदीश, अन्य लोगों ने बताया कि उनके मौहल्ले में बंदरों के एक गिरोह ने काफी समय से आंतक मचाया हुआ है। इनके आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। डर की वजह से लोगों ने घरो की छतो पर चढ़ना बंद कर दिया है।
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मुकेश व दुलीचंद ने बताया की एक सप्ताह पहले चार वर्षीय आकाशी व रोहित घर के आंगन में खेलते खेलते सीढ़ीयो में चढ़ रहे थे। उसी समय छत के रास्ते कई बंदर घर में नीचे आए और बच्चों पर हमला कर बुरी तरह नोच दिया।
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क्षेत्र के गांव सिलखो, छारौड़ा, चीला, पचगांवा, डीढ़ारा, मसीत, नूरपुर, ढीलमकी आदि गांवों में भी लबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। शेरू, रहीस, अहमद, समा, जैकम, इल्ली, अयूब, पंच मकसुद, पंच इकबाल, पंच हनीफ, पंच इरफान, दीपक कुमार, पूर्व पंच रामकिशन, मुकेश, जगदीश आदि ग्रामीणों का कहना है की इन दिनों काफी संया में बंदर गांवों में आ गए हैं जो पूरे दिन झुंड बनाकर इस घर से उस घर में धमाचौकड़ी मचाते घूम रहते हैं।
कोई इनसे बचाव के लिए उनकी ओर थोड़ा भी आक्रमण करता है तो सभी मिलकर उसे काटने लगते हैं। ग्रामीणों का कहना है की बंदरों के आ जाने पर घर में अकेली गृहणियों की कमरों में कैद होने जैसी स्थिति बन रही है।
किसी कारणवश रसोई घर खुला रह गया तो बंदर अंदर घुसकर सारा सामान नष्ट कर देते हैं। छतों पर सूखने वाले कपड़ों को फाड़ने पानी की टंकियों के पाईपों को क्षतिग्रस्त करने से भी नहीं हिचकते है। बंदरों के आंतक से छोटे बच्चों को इनसे बचाना मुश्किल कार्य हो गया है।