मोदी इफेक्ट: JNU पहुंचे जापानी छात्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ओर मोदी जापान में ईस्ट-साउथ एशियन देशों की दोस्ती की नई इबारत लिख रहे हैं तो दोस्ताना रिश्तों में मधुरता भरने जापानी छात्र भारत में हिंदी समेत भारतीय संस्कृति का कहकरा सीखने पहुंचे हुए हैं।
पहली बार जापानी छात्र जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में शार्ट टर्म हिंदी इंटेनसिव कोर्स के तहत हिंदी सीखने पहुंचे हुए हैं। इस कोर्स का यह जेएनयू में पहला बैच ही है। छात्र हिंदी ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की विरासत की धरोहर को भी जानेंगे।
जेएनयू कैंपस स्थित स्कूल ऑफ लैंग्वेज की लैब में इन दिनों मस्ती की पाठशाला चल रही है। मस्ती की पाठशाला में दोनों हाथ जोड़कर हर आने-जाने वाले को नमस्ते और आप कैसे हैं...? से अभिनंदन देख हर कोई एक बार रूक जाता है।
क्योंकि यह अलफाज भारतीय छात्रों के नहीं, बल्कि दूर देश मोदी की की नई दोस्ती की भविष्य की कड़ी 16 जापानी छात्रों के हैं। जापानी छात्र कोनिचिका की बजाय दोनों हाथ जोड़कर नमस्ते और गैंगी डस्का की जगह आप कैसे हैं, बोलते रहते हैं।
मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशस्तानी...
लैंग्वेज लैब के क्लास रूम में छात्रों को पूनम कुदेशिया इन दिनों मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशस्तानी...फिर भी दिल है हिन्दोस्तानी जैसे नगमों पर छात्रों को मस्ती की पाठशाला में हंसी के साथ गाने गाना भी हिंदी के गुर सिखा रही हैं।
जापान स्थित दाइतो बुनका युनिवर्सिटी के बीए प्रोग्राम के छात्रों ने यूं तो हिंदी विषय को अपने पाठ्यक्रम में चुना हुआ है, लेकिन विशुद्ध हिंदी को सिखाने के लिए एक दुभाषिया भी तैनात रहता है। ऑडियो-वीडियो के माध्यम से छात्रों को हिंदी गानों समेत सामान्य बोलचाल की भाषा सिखायी जा रही है।
तीन दिनों में छात्रों ने बालीवुड के पुराने हिंदी गानों को सिखा है, जिसमें पुरानी फिल्मों में टोक्यो आदि पर फिल्माए गाने हैं। 16 सदस्यीय जापानी छात्र अपने प्रोफेसर प्रो. हिदेकी इशिदा के साथ पहुंचे हैं, जोकि स्वयं हिंदी के बेहद अच्छे ज्ञाता है।
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल कल्चरस फैकल्टी ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन के तहत जापान से पहली बार छात्रों का ग्रुप भारत में विशेषकर हिंदी भाषा को सीखने व भारतीय संस्कृति की विरासत को देखने आया है।
'जापानी युवाओं में भी है मोदी का क्रेज'
जेएनयू कैंपस में हिंदी की क्लास पूरी होने के बाद छात्रों को भारतीय संस्कृति की पहचान से रूबरू करवाने के लिए आगरा में ताजमहल, वाराणसी में हिंदू कर्मकांड संग गंगा घाट व गुलाबी नगरी में भी घुमाया जाएगा। हालांकि इससे पहले छात्रों को भारतीय-मुगलकाल की विरासत को समझाने के लिए लाल किला, जामा मस्जिद समेत पुरानी दिल्ली के बाजार भी दिखाए जाएंगे।
जापानी छात्र मायू ओका मूरा ने कहा कि मोदी एक अच्छे वक्ता हैं, जोकि अपना भाषण हिंदी में देते हैं। भारत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और यहीं बात हमें हिंदोस्ताना तक खींच कर लायी है। हमें संस्कृति के साथ भारत के नए विकास की राह ने भी आकर्षित किया है।
रिशा नाकाने ने बताया कि हिंदी ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की अपनी एक अलग पहचान है। इसी संस्कृति ने हमें अपनी ओर रिझाया है। संस्कृति के माध्यम से भारत-जापान के पुरानी दोस्ती को समझेंगे। भारत के नाम अब विकास की नया नाम जुड़ गया है।
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशरल कल्चरस (फैकल्टी ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन) दाइतो बुनका युनिवर्सिटी, जापान की प्रो. हिदेकी इशिदा ने कहा कि बेशक दुनिया में भारतवर्ष का सम्मान होता है, लेकिन युवाओं के बीच बोलने की मोदी की शैली ने एक अलग पहचान दिलायी है।
जापान-भारत की दोस्ती युवाओं समेत सांस्कृतिक विरासत को भी आगे लेकर जाएगी। युवाओं में मोदी का क्रेज है। अब हिंदी सीखने भारत आए और जापानी सिखाने के लिए भारतीय छात्रों को जापान आने का न्यौता देकर जाएंगे। क्योंकि किसी भी दोस्ती की नींव भाषा पर आधारित होती है। भारत का सम्मान तो था, लेकिन मोदी ने दुनिया को अपना कायल बनाकर हिंदुस्तान को अलग से पहचान दिलायी है।