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नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर 62 तक होगा मेट्रो विस्तार, एक हजार नौ सौ 67 करोड़ का आएगा खर्च
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 17 May 2018 01:58 PM IST
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फाइल फोटो
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नोएडा में मेट्रो विस्तार को पंख लगने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने बुधवार को द्वारका से नोएडा सिटी सेंटर तक जाने वाली मेट्रो को सेक्टर 62 तक केविस्तार को हरी झंडी दे दी है। 6.675 किलोमीटर लंबे इस विस्तार पर एक हजार नौ सौ 67 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
इस विस्तार के लिए केंद्र सरकार 340.60 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। यही नहीं कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सिचाई कृषि योजना के तहत सूक्ष्म सिचाई कोष केलिए नाबार्ड के जरिए पांच हजार करोड़ रुपये का फंड निर्धारित कर दिया है। नाबार्ड इस राशि को मांग के अनुसार राज्यों को ऋण केरूप में देगा, जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।
कैबिनेट ने हरियाणा के गांव नंगल चौधरी में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के तहत फ्रेट विलेज को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अलावा जैव ईंधन पर साल 2018 की राष्ट्रीय नीति और रक्षा सेवाओं के स्पेक्ट्रम के लिए नेटवर्क लागू करने की बजट बढ़ोतरी को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
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नोएडा में मेट्रो विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से दिल्ली-नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल जाएगी। इस मेट्रो का विस्तार केंद्र सरकार की विशेष उद्देश्य एजेंसी, दिल्ली रेल मेट्रो कारपोरेशन और एनसीआर की ओर से मिलकर किया जाएगा।
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इस विस्तार के लिए केंद्र सरकार 340.60 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। यही नहीं कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सिचाई कृषि योजना के तहत सूक्ष्म सिचाई कोष केलिए नाबार्ड के जरिए पांच हजार करोड़ रुपये का फंड निर्धारित कर दिया है। नाबार्ड इस राशि को मांग के अनुसार राज्यों को ऋण केरूप में देगा, जिसका फायदा किसानों को मिलेगा।
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कैबिनेट ने हरियाणा के गांव नंगल चौधरी में दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के तहत फ्रेट विलेज को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके अलावा जैव ईंधन पर साल 2018 की राष्ट्रीय नीति और रक्षा सेवाओं के स्पेक्ट्रम के लिए नेटवर्क लागू करने की बजट बढ़ोतरी को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
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नोएडा में मेट्रो विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से दिल्ली-नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल जाएगी। इस मेट्रो का विस्तार केंद्र सरकार की विशेष उद्देश्य एजेंसी, दिल्ली रेल मेट्रो कारपोरेशन और एनसीआर की ओर से मिलकर किया जाएगा।
परियोजना के लिए 800 कर्मियों को लगाया जा चुका है
परियोजना के लिए 800 कर्मियों को लगाया जा चुका है। साथ ही डीएमआरसी ने परियोजना के रखरखाव और इसके क्रियान्वयन के लिए दो सौ कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
नंगल चौधरी में 886.78 एकड़ जमीन पर मल्डी मॉडल लॉजिस्टिक्स केंद्र का विकास दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के विकास के लिए 1029.49 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पहला चरण 2020-21 में पूरा होने की उम्मीद है।
सूक्ष्म सिचाई कोष केलिए मंजूर किए गए पांच हजार करोड़ रुपये में से 2018-19 में नाबार्ड के जरिए दो हजार करोड़ और तीन हजार करोड़ का इस्तेमाल 2019-20 में किया जाएगा। एमआईएफ के तहत ऋण की प्रस्तावित दर तीन प्रतिशत रखी गई है।
इसके अलावा कैबिनेट ने झारखंड स्थित देवघर में एम्स के निर्माण को भी हरी झंडी दी है, साथ ही आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय विश्वविद्यालय को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। भोपाल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ रिहैबलिटेशन सेंटर को भी मंजूरी दे दी गई है।
नंगल चौधरी में 886.78 एकड़ जमीन पर मल्डी मॉडल लॉजिस्टिक्स केंद्र का विकास दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के विकास के लिए 1029.49 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पहला चरण 2020-21 में पूरा होने की उम्मीद है।
सूक्ष्म सिचाई कोष केलिए मंजूर किए गए पांच हजार करोड़ रुपये में से 2018-19 में नाबार्ड के जरिए दो हजार करोड़ और तीन हजार करोड़ का इस्तेमाल 2019-20 में किया जाएगा। एमआईएफ के तहत ऋण की प्रस्तावित दर तीन प्रतिशत रखी गई है।
इसके अलावा कैबिनेट ने झारखंड स्थित देवघर में एम्स के निर्माण को भी हरी झंडी दी है, साथ ही आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय विश्वविद्यालय को भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। भोपाल में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ रिहैबलिटेशन सेंटर को भी मंजूरी दे दी गई है।