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एमएमजी के दो डॉक्टर भी डेंगू की चपेट में
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 07 Oct 2015 10:02 AM IST
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डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा निकल गई है। आलम ये है कि एमएमजी में मरीजों के साथ अब डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं हैं। एमएमजी अस्पताल के दो डॉक्टरों को डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
ईएमओ डॉ. अंकिता और आई स्पेशलिस्ट डॉ. नरेंद्र डेंगू की चपेट में होने के कारण छुट्टी पर हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के भी सुरक्षित नहीं होने से विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
उधर, बागराणप निवासी मौजी ने सोमवार देर रात दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौजी पिछले पंद्रह दिनों से बुखार से पीड़ित था। वहीं, परिजन डेंगू से मौत की आशंका जता रहे हैं।
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परिजनों ने बताया कि मौजी मेहनत मजदूरी करके परिवार पालता था। मौजी की मौत से पत्नी सुदेशी, बेटा सत्यम, रितिक और बेटी अंशु का रो-रो कर बुरा हाल है।
फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
मलेरिया विभाग और नगर निगम की ओर से महानगर में दो बार चलाया गया फॉगिंग अभियान केवल खानापूर्ति साबित हुआ।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में ही डेंगू पॉजिटिव मामलों का ग्राफ 210 पर पहुंच गया है। सरकारी से इतर अगर प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो डेंगू पॉजिटिव केसेज की संख्या 1500 के पार पहुंच चुकी है।
मलेरिया विभाग से सटे इमरजेंसी और ओपीडी में दो डॉक्टरों को डेंगू होने से विभाग की गंभीरता और फॉगिंग अभियान का सच जाना जा सकता है। अब विभाग सात अक्तूबर से फिर से फॉगिंग अभियान चलाने की बात कर रहा है।
डेंगू के आंकड़ों की टाइमिंग सवालों के घेरे में
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के जारी आंकड़ों की टाइमिंग भी संदेह के घेरे में है। सितंबर माह की शुरुआत में डेंगू पीक पर था, लेकिन विभाग पांच से 10 पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा जारी करता है।
ये तब था जब कि सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भरमार थी। अब डेंगू का प्रभाव दिन-प्रतिदिन कम होने से विभाग की ओर से 20 से 25 डेंगू के पॉजिटिव केसेज का आंकड़ा जारी किया जा रहा है।
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ईएमओ डॉ. अंकिता और आई स्पेशलिस्ट डॉ. नरेंद्र डेंगू की चपेट में होने के कारण छुट्टी पर हैं। अस्पताल में डॉक्टरों के भी सुरक्षित नहीं होने से विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
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उधर, बागराणप निवासी मौजी ने सोमवार देर रात दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौजी पिछले पंद्रह दिनों से बुखार से पीड़ित था। वहीं, परिजन डेंगू से मौत की आशंका जता रहे हैं।
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परिजनों ने बताया कि मौजी मेहनत मजदूरी करके परिवार पालता था। मौजी की मौत से पत्नी सुदेशी, बेटा सत्यम, रितिक और बेटी अंशु का रो-रो कर बुरा हाल है।
फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
मलेरिया विभाग और नगर निगम की ओर से महानगर में दो बार चलाया गया फॉगिंग अभियान केवल खानापूर्ति साबित हुआ।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में ही डेंगू पॉजिटिव मामलों का ग्राफ 210 पर पहुंच गया है। सरकारी से इतर अगर प्राइवेट अस्पतालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो डेंगू पॉजिटिव केसेज की संख्या 1500 के पार पहुंच चुकी है।
मलेरिया विभाग से सटे इमरजेंसी और ओपीडी में दो डॉक्टरों को डेंगू होने से विभाग की गंभीरता और फॉगिंग अभियान का सच जाना जा सकता है। अब विभाग सात अक्तूबर से फिर से फॉगिंग अभियान चलाने की बात कर रहा है।
डेंगू के आंकड़ों की टाइमिंग सवालों के घेरे में
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के जारी आंकड़ों की टाइमिंग भी संदेह के घेरे में है। सितंबर माह की शुरुआत में डेंगू पीक पर था, लेकिन विभाग पांच से 10 पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा जारी करता है।
ये तब था जब कि सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भरमार थी। अब डेंगू का प्रभाव दिन-प्रतिदिन कम होने से विभाग की ओर से 20 से 25 डेंगू के पॉजिटिव केसेज का आंकड़ा जारी किया जा रहा है।