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मंत्री के कालेज में बिजली चोरी पकड़ी
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 05 Mar 2014 01:26 AM IST
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पावर कारपोरेशन और विजिलेंस की छापामारी का अगला शिकार एक मंत्री का मैनेजमेंट कालेज बना। राजनगर स्थित उक्त मैनेजमेंट कालेज में चोरी से बिजली प्रयोग की जा रही थी।
25 किलोवाट बिजली चोरी पकड़े जाने पर कालेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मंत्री को सूचना देने के बाद आनन-फानन शमन शुल्क जमा कराया गया। अस्थाई कनेक्शन की वैधता खत्म होने के बाद चुपचाप चलाने पर प्रबंधन ने चूक स्वीकार की है।
राजनगर स्थित आईएमटी मैनेजमेंट कालेज में प्रबंधन ने बिजली का अस्थाई कनेक्शन मीटर संख्या- 30008344 से लिया था। इस पर 25 किलोवाट लोड का यह कनेक्शन 31 दिसंबर को कराया गया था। रिकार्ड के अनुसार 07 फरवरी को कनेक्शन की वैधता खत्म हो गई। इसके बावजूद बिजली प्रयोग की जाती रही।
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अफसरों के अनुसार यह गंभीर अपराध है। इसकी मौखिक सूचना कालेज प्रबंधन को दी गई, इसके बावजूद कनेक्शन नहीं लिया गया। मंत्री का कालेज होने केचलते कारपोरेशन अफसर केबल उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
आला अफसरों से विचार के बाद विजिलेंस को साथ लेकर मंगलवार सुबह छापामारी की गई। मौके पर 25 बिलोवाट बिजली चोरी पकड़ी गई। दोपहर में इसका शमन शुल्क जमा कराया गया।
किया ऐसा काम, साहब ना हों बदनाम
कलाधाम में बिजली चोरी पकड़े जाने से अफसरों में हड़कंप मच गया था। जीडीए और कारपोरेशन के अधिकारी मिलकर साहब को इस मामले से बचाने में लग गए। आनन-फानन में ऐसा काम किया गया कि साहब तक कोई आरोप न पहुंच सके।
एक्सईएन के नाम दूसरा कनेक्शन कराया गया, ताकि साहब पर बिजली चोरी के आरोप ना लगे। जबकि जीडीए के विद्युत कनेक्शन एक्सईएन के नाम नहीं होते हैं। जीडीए में बिजली कनेक्शन बड़े साहब के पदनाम से जारी किए जाते हैं। दर्जन भर कनेक्शन इसी पदनाम से हैं।
कलाधाम पार्क में ही पहले से चल रहा बिजली कनेक्शन भी उन्हीं के नाम से है। पत्थरों और लोहे की छड़ों से मूर्ति बनाने के लिए इस पार्क में विद्युत उपकरण चोरी से चलाए जा रहे थे। इनके लिए विद्युत लाइन से सीधे केबल जोड़ा गया था।
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25 किलोवाट बिजली चोरी पकड़े जाने पर कालेज प्रबंधन में हड़कंप मच गया। मंत्री को सूचना देने के बाद आनन-फानन शमन शुल्क जमा कराया गया। अस्थाई कनेक्शन की वैधता खत्म होने के बाद चुपचाप चलाने पर प्रबंधन ने चूक स्वीकार की है।
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राजनगर स्थित आईएमटी मैनेजमेंट कालेज में प्रबंधन ने बिजली का अस्थाई कनेक्शन मीटर संख्या- 30008344 से लिया था। इस पर 25 किलोवाट लोड का यह कनेक्शन 31 दिसंबर को कराया गया था। रिकार्ड के अनुसार 07 फरवरी को कनेक्शन की वैधता खत्म हो गई। इसके बावजूद बिजली प्रयोग की जाती रही।
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अफसरों के अनुसार यह गंभीर अपराध है। इसकी मौखिक सूचना कालेज प्रबंधन को दी गई, इसके बावजूद कनेक्शन नहीं लिया गया। मंत्री का कालेज होने केचलते कारपोरेशन अफसर केबल उतारने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
आला अफसरों से विचार के बाद विजिलेंस को साथ लेकर मंगलवार सुबह छापामारी की गई। मौके पर 25 बिलोवाट बिजली चोरी पकड़ी गई। दोपहर में इसका शमन शुल्क जमा कराया गया।
किया ऐसा काम, साहब ना हों बदनाम
कलाधाम में बिजली चोरी पकड़े जाने से अफसरों में हड़कंप मच गया था। जीडीए और कारपोरेशन के अधिकारी मिलकर साहब को इस मामले से बचाने में लग गए। आनन-फानन में ऐसा काम किया गया कि साहब तक कोई आरोप न पहुंच सके।
एक्सईएन के नाम दूसरा कनेक्शन कराया गया, ताकि साहब पर बिजली चोरी के आरोप ना लगे। जबकि जीडीए के विद्युत कनेक्शन एक्सईएन के नाम नहीं होते हैं। जीडीए में बिजली कनेक्शन बड़े साहब के पदनाम से जारी किए जाते हैं। दर्जन भर कनेक्शन इसी पदनाम से हैं।
कलाधाम पार्क में ही पहले से चल रहा बिजली कनेक्शन भी उन्हीं के नाम से है। पत्थरों और लोहे की छड़ों से मूर्ति बनाने के लिए इस पार्क में विद्युत उपकरण चोरी से चलाए जा रहे थे। इनके लिए विद्युत लाइन से सीधे केबल जोड़ा गया था।