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मेवाती गिरोह बना सबसे बड़ा खतरा: गोपनीय रिपोर्ट

Wed, 29 Apr 2015 09:33 AM IST
राजेश भाटी/अमर उजाला, नोएडा
राजेश भाटी/अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 29 Apr 2015 09:33 AM IST
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Mewati gangs are most dangerous for noida security

गौतमबुद्ध नगर जनपद में मेवाती गिरोह का सबसे अधिक खतरा बनाता जा रहा है। इन दिनों जनपद में मेवाती गिरोह के दो सौ से अधिक सदस्य सक्रिय है।

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पुराने कोतवालों ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट में इसका खुलासा किया है। पुलिस विभाग ने इस गिरोह का लगाम लगाने के निर्देश तो दिए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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गौतमबुद्धनगर जनपद के दादरी, दनकौर और जेवर के एक विशेष समुदाय के लोगों के बीच घनी आबादी में मेवाती गिरोह के सदस्य रहते रहे हैं।

गिरोह की सक्रियता सबसे अधिक दादरी नगर में है। दादरी नगर में गिरोह के करीब डेढ़ सौ से अधिक सदस्य है, जो पिछले दस साल से सक्रिय है।

मेवाती गिरोह के सदस्य डकैती, लूटपाट, राहजनी, चोरी हत्या समेत संगीन वारदातों को अंजाम देते रहे है। ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद के नजदीक दादरी होने के चलते घनी आबादी में शरण लिए हुए है।
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उनकी रोकथाम के लिए उच्चस्तरीय कार्रवाई के लिए पूर्व में दादरी कोतवाली में तैनात रहे कोतवालों ने अपनी गोपनीय रिपोर्ट भी दी है, जिसमें इस गिरोह पर लगाम कसने की सलाह दी गई।

साथ ही कार्रवाई नहीं होने के चलते दादरी के अलावा ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में अपराधिक वारदातें बढ़ने का संभावनाएं जाहिर की गई थी। दादरी में तैनात रहे कोतवाल धमेंद्र चौहान ने अभियान चलाकर गिरोह के दो दर्जन से अधिक सदस्यों पर कार्रवाई की थी।


गिरोह के सदस्यों को चिंह्नित भी किया गया था। इसमें लूटपाट और राहजनी की वारदातों के अलावा डकैती की वारदातों का खुलासा भी किया गया था।

उसके बाद कोतवाली में तैनात रहे कोतवालों ने गिरोह के गंभीरता से नहीं लिया गया। हालात यहां तक पहुंच गई है कि अपराधिक वारदातों को सरेआम अंजाम देने के बाद सदस्य आराम से दादरी, जेवर और दनकौर में शरण ले लेते हैं और पुलिस तलाशती रहती है।

एसपी देहात डा. बृजेश कुमार का कहना है कि दादरी समेत घनी आबादी वाले हिस्सों में मेवाती गिरोह के सदस्यों के शरण लेने मामले की जांच कराए जाएगी। गिरोह के सदस्यों को तलाश के लिए संबंधित कोतवाली पुलिस को गोपनीय रूप से लगाया जाएगा।

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