भूमि विवाद से लगा मेट्रो की साख पर बट्टा, अब भी चल रहा काम
वहीं मेट्रो की साख पर एक बट्टा भी लगने वाला है। फेज तीन के निर्माण के दौरान जमीनों को लेकर हुए विवाद के चलते हमेशा तय डेडलाइन से पहले काम पूरा करने वाली डीएमआरसी इस बार डेडलाइन पार कर जाएगी।
मेट्रो फेज तीन में कुल 160.38 किलोमीटर लंबी लाइनों का निर्माण होना है। इसमें दिल्ली और सीमा पार जाने वाली कुछ लाइनों का एक्सटेंशन भी शामिल है। अभी मेट्रो इसमें से महज 23 किलोमीटर लाइन को ऑपरेशन कर पाई है।
डेडलाइन दिसंबर 2017 है
हालांकि इसमें कुछ एक्सटेंशन लाइनें भी है जिसकी डेडलाइन दिसंबर 2017 है। मगर फेज तीन की सबसे बड़ी लाइन 58.59 किलोमीटर की पिंक लाइन (मजलिस पार्क-शिव विहार), 37.30 किलोमीटर की मजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट से बॉटेनिकल गार्डन) और हेरिटेज लाइन जिसे दिसंबर 2016 तक पूरा करना था अब यह नए साल में ही खुलने की उम्मीद है।
सूत्रों की मानें तो मेट्रो के इस निर्माण में देरी की सबसे बड़ी वजह अलग-अलग जगहों पर जमीनों का विवाद है। जिसके चलते यह काम देरी से चल रहा है। कुछ जगहों पर अब भी जमीन विवाद के चलते काम शुरू नहीं हो पाया है। सबसे ज्यादा दिक्कत पिंक लाइन पर है जहां हसनपुर, त्रिलोकपुरी में अभी तक जमीनों का विवाद पूरा खत्म नहीं हो पाया है।
पिंक लाइन: मजलिस पार्क से शिव विहार
58.59 किलोमीटर लंबी लाइन
38 स्टेशन
80 फीसदी से ज्यादा काम नवंबर तक
1755 वर्ग मीटर जमीन चाहिए
मजेंटा लाइन जनकपुरी वेस्ट से बॉटेनिकल गार्डन
37.30 किलोमीटर लंबी लाइन
25 स्टेशन
93 फीसदी से ज्यादा काम पूरा नवंबर तक
3441 वर्गमीटर जमीन विवाद कालिंदी कुंज पर
इस लाइन के एक सेक्शन कालकाजी से बॉटेनिकल गार्डन तक ट्रायल चालू
हेरिटेज लाइन केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट
9.37 किलोमीटर
7 स्टेशन
99.99 फीसदी काम पूरा
केंद्रीय सचिवालय से आईटीओ तक पहले से चालू
बाकी हिस्से पर ट्रायल चालू जनवरी 2017 में ही खुलेगा
देरी के चलते चरणबद्ध तरीके से खुलेगी फेज तीन की लाइनें
इसी तरह मजेंटा लाइन को दो चरण में बांटा गया है। फिलहाल मेट्रो बॉटेनिकल गार्डन से कालकाजी के बीच लाइन खोलेगी। इसपर एक महीने से ज्यादा समय से ट्रायल भी चल रहा है। इसके खुलने से नोएडा कालकाजी मंदिर पर इंटरचेंज खुल जाएगा।
इससे नोएडा के लोगों का वॉयलेट लाइन और यलो लाइन से कनेक्टिविटी हो जाएगी। इसका फायदा नोएडा, गुड़गांव, फरीदाबाद के साथ दक्षिणी दिल्ली के लोगों को मिलेगा। इसी तरह पिंक लाइन में जमीन विवाद के चलते इसे तीन चरणों में बांटकर किया जा रहा है। यह अब तक की मेट्रो में सबसे बड़ी 58.59 किलोमीटर लंबी लाइन है। यह पूर्वी दिल्ली को दक्षिणी दिल्ली से जोड़ेगा।
फैक्ट फाइल:
213 किलोमीटर नेटवर्क ऑपरेशनल है
160 कुल स्टेशन हैं, अभी दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में
30 लाख से ज्यादा यात्री रोजाना सफर करते हैं
160.38 किलोमीटर कुल तीसरे फेज में बनेगा
53.83 किलोमीटर भूमिगत है जिसके टनलिंग का काम पूरा हुआ
349.3 किलोमीटर हो जाएगा मेट्रो का नेटवर्क
23 किलोमीटर तीसरे चरण की लाइन ऑपरेशनल है