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Delhi Metro: मेट्रो यात्रियों को पेपर टिकट आ रहा पसंद, टोकन में 40% आई कमी

Sun, 25 Jun 2023 11:59 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 25 Jun 2023 11:59 AM IST
सार

आंकड़ों के मुताबिक, बीते माह से अब तक करीब एक करोड़ यात्रियों ने क्यूआर टिकट से यात्रा की है। इसके साथ ही टोकन खरीदारी में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है।

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Metro commuters prefer paper tickets token reduced by 40%
delhi metro - फोटो : istock

विस्तार

दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की सुविधा के लिए पेपर टिकट शुरू की है। एक माह पहले शुरू क्यूआर टिकट को यात्री खूब पसंद कर रहे हैं। मेट्रो में सफर करने वाले अधिकतर यात्री पेपर टिकट ही खरीद रहे हैं। 

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आंकड़ों के मुताबिक, बीते माह से अब तक करीब एक करोड़ यात्रियों ने क्यूआर टिकट से यात्रा की है। इसके साथ ही टोकन खरीदारी में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई है। दिल्ली मेट्रो प्रबंधन ने पेपर टिकट सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास के लिए आटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेट अपग्रेड किए हैं। इस गेट से यात्री अब टोकन की जगह टिकट लेकर मेट्रो में सफर कर सकते हैं।
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टिकट के जरिये खर्च हो रहा कम
दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन लगभग 25 लाख यात्री सफर करते हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के पेपर टिकट शुरू करने के पीछे का उद्देश्य प्लास्टिक के टोकन खरीदने में होने वाले खर्च को कम करना है। एक टोकन बनाने में 16 रुपये की लागत आती थी जबकि पेपर क्यूआर टिकट की कीमत बहुत मामूली है। वहीं, मेट्रो में इस्तेमाल होने वाले टोकन में लगी चिप विदेश से मंगाई जाती हैं। इसके अन्य हिस्सों को देश में तैयार किया जाता है। टोकन को बनाने में अधिक पैसे खर्च होते हैं, जबकि पेपर के साथ ऐसा नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट लाइन में व्हाट्सएप बेस्ड सुविधा भी शुरू की गई है। अब यात्री व्हाट्सएप से भी टिकट बुक करवा पाएंगे।
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60 मिनट तक मान्य है टिकट
मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, कई यात्री टिकट लेने के एक घंटे तक भी सफर नहीं कर रहे हैं, जिससे इन यात्रियों के सामने परेशानी आ रही है। मेट्रो प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पेपर टिकट सेवा में यात्रियों को एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि क्यूआर कोड आधारित पेपर टिकट खरीदने के एक घंटे के अंदर स्टेशन में प्रवेश करना होता है। ऐसे में अगर कोई यात्री 60 मिनट से ज्यादा देरी से स्टेशन में प्रवेश करेगा तो टिकट अमान्य हो जाता है। इस वजह से यात्रियों को नियमों का ध्यान रखा जरूरी है।


डस्टबिन लगाए जाएंगे
पेपर टिकट शुरू होने से कई मेट्रो स्टेशनों के बाहर इससे गंदगी फैल रही है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन ने इस समस्या को हल करने के लिए स्टेशनों पर डस्टबिन की व्यवस्था की है। जहां यह सुविधा नहीं है वहां भी जल्द इसे शुरू किया जाएगा। यात्री निकास एएफसी गेट के पास ही मौजूद डस्टबिन में टिकट डाल सकते हैं।

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