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सोनू दरियापुर समेत 4 पर मकोका का आरोप पत्र, लंबे समय से कर रहा था अवैध वसूली
Thu, 03 Oct 2019 05:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धीरज बेनीवाल, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 03 Oct 2019 05:07 AM IST
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कुख्यात बदमाश सत्यवान सेहरावत उर्फ सोनू दरियापुर व उसके 3 साथियों के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है।
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सोनू दरियापुर 2006 से अपराध कर रहा है। वह केबल कारोबारियों के लिए आतंक का पर्याय था। मकोका मामले में गिरफ्तारी से पहले सोनू दरियापुर व उसके तीनों साथी हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में नाम व पहचान बदलकर रह रहे थे।
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पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश के समक्ष सोनू दरियापुर, विजय सेहरावत उर्फ लंबा, संजय लाकड़ा उर्फ संजय मुंडका व नवीन खत्री के खिलाफ स्पेशल सेल ने मकोका के तहत आरोप पत्र दाखिल कर मुकदमा चलाने की मांग की। अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तारीख तय की है।
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दिल्ली पुलिस ने सोनू और उसके 16 गुर्गों के खिलाफ मकोका के तहत 23 जून 2018 को एफआईआर दर्ज की थी। सोनू दरियापुर व नवीन खत्री को 16 फवरी 2019 को गिरफ्तार किया गया। विजय सेहरावत व संजय लाकड़ा 13 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार हुए थे। इसके तहत जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सोनू दरियापुर, विजय सेहरावत, संजय लाकड़ा व नवीन खत्री के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।
आरोप पत्र में सोनू पर 16, विजय सेहरावत पर 8, संजय लाकड़ा पर 17 और नवीन खत्री पर 8 मुकदमे दर्ज होने का जिक्र किया गया है। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन उगाही जैसे आरोप भी हैं।
2007 में पहली बार हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने आरोप पत्र में कहा है कि सोनू ने साथियों के साथ मिलकर भूपेंद्र सेहरावत, उसकी पत्नी राजरानी व उनके मित्र ब्रह्म पर 2006 में जानलेवा हमला किया था। हाईकोर्ट ने इसके बाद भूपेंद्र व अन्य लोगों को सुरक्षा दी थी। सोनू दरियापुर 2007 में गिरफ्तार हुआ था। उसने इन लोगों पर गवाही न देने व मामला वापस लेने का दबाव डाला, लेकिन वे नहीं माने।
सोनू 2009 में पैरोल पर जेल से बाहर आया और भूपेंद्र के भाई सुधीर की हत्या कर दी थी। इसके बाद भी भूपेंद्र व राजरानी ने गवाही दी। इससे सोनू दरियापुर के भाई अनिल समेत 8 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। तभी से सोनू गिरोह के साथ फरार था। उसने साथियों के संग 2017 में भूपेंद्र सेहरावत, उसके पीएसओ और दोस्त की हत्या कर दी थी।
सोनू ने 2006 से 2019 के बीच दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा में जबरन उगाही का धंधा किया। अपराध की कमाई से वह और उसके साथी हिमाचल प्रदेश में आलीशान जिंदगी जी रहे थे। वह महंगे हथियारों व महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे, जबकि कमाई का कोई कानूनी जरिया नहीं था।