फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   MCD would not be stop toll tax collection

MCD ने फंसाया पेंच कहा 'इस टोल से वसूली कैसे छोड़ दें'

Wed, 19 Feb 2014 09:15 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 19 Feb 2014 09:15 AM IST
विज्ञापन
MCD would not be stop toll tax collection

दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस टोल प्लाजा विवाद मामले में अब दिल्ली नगर निगम व टैक्स वसूलने वाली कंपनी एसएमएस इंफ्रास्ट्रक्चर ने पेंच फंसा दिया है। दोनों का कहना है कि उन्हें राजधानी में आने वाले व्यावसायिक वाहनों से कर वसूलने का अधिकार है और यदि ऐसा नहीं किया गया तो प्रतिमाह करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।

विज्ञापन


टोल हटाने का निर्देश देने से पहले उन्हें होने वाले नुकसान की भरपाई का विकल्प तलाशा जाए। एमसीडी के तर्क को सुनने के बाद न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने कहा कि व्यावसायिक वाहनों से कर वसूलने के लिए अलग से लेन बनाई जा सकती है, लेकिन उसके कारण अन्य वाहन चालकों को परेशानी में नहीं रखा जा सकता।
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने टोल प्लाजा विवाद को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), दिल्ली-गुड़गांव सुपर कनेक्टिविटी लिमिटेड (डीजीएससीएल) व इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी (आईडीएफसी) के बीच हुए समझौते पर फैसला बुधवार को देने का निर्णय लिया। अदालत ने कहा कि फैसले के समय वह एमसीडी के पक्ष का भी ध्यान रखेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: हटेगा गुड़गांव से टोल प्लाजा, अब नहीं देंगे होंगे पैसे

बता दें कि एनएचएआई ने दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे की देखरेख करने वाली कंपनी डीजीएससीएल का टोल प्लाजा का परमिट रद्द कर दिया था। एनएचएआई के इस फैसले के खिलाफ  डीजीएससीएल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। डीजीएससीएल का कहना था कि उसने टोल प्लाजा पर हुए निर्माण कार्य को कराने के लिए चार बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज ले रखा है।

लाइसेंस रद्द होने से वह बैंकों का कर्ज नहीं चुका पाएगा। अब सभी पक्षों ने समझौता कर लिया है। एनएचएआई, डीजीएससीएल व आईडीएफसी को अदालत के समक्ष समझौते का प्रारूप रखना था। अदालत ने समझौते को लेकर सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के लिए सुनवाई मंगलवार दोपहर 2:30 बजे तय की थी।

बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू होते ही नगर निगम व एसएमएस इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिवक्ता ने आवेदन दायर कर बताया कि दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर सरहौल टोल प्लाजा के पास उनका भी टोल है। वे इस टोल के माध्यम से व्यावसायिक वाहनों से कर वसूलते हैं। अगर टोल प्लाजा हटा दिया जाएगा तो उनके लिए सभी व्यावसायिक वाहनों से कर वसूलना मुश्किल हो जाएगा, जिससे उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।


पढ़ें: टोल प्लाजा पर महापंचायत, जबरन हटाया बैरियर

एमसीडी ने कहा उसे प्रतिमाह 26 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इसके अलावा राजधानी के हर एंट्री पर व्यावसायिक वाहनों से कर वसूला जाता है, ऐसे में इस एंट्री को कैसे छोड़ा जा सकता है। वहीं कर वसूलने वाली कंपनी ने कहा कि यदि उसे कर वसूलने नहीं दिया गया तो उसे भी उसके दायित्व से मुक्त कर दिया जाए।

इस पर आपत्ति जताते हुए एनएचएआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कहा कि उक्त सड़क पर कोई भी टोल प्लाजा नहीं रखने का निर्णय किया गया है। एमसीडी की समस्या से उनका कोई लेना.देना नहीं है। वे व्यावसायिक वाहनों से कर वसूलने के लिए अपना प्रबंध स्वयं करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed