Delhi: एमसीडी और दिल्ली सरकार जानवरों की समस्याओं पर नहीं दे रही ध्यान, विजय गोयल बोले- बच्चे नहीं जाते पार्क
कुत्तों के काटने की समस्या को लेकर अभियान चला रहे गोयल ने महर्षि दयानंद पार्क में लोगों के साथ समस्या और समाधान मुद्दे पर आयोजित चर्चा के दौरान यह भी कहा कि हर रोज 150 से 200 कुत्तों के काटने के मामले सरकारी अस्पताल में आ रहे हैं।
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दिल्ली सरकार और एमसीडी लावारिस कुत्तों, बंदरों और गायों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। पूरी दिल्ली कुत्तो व बंदरों से परेशान है। बच्चों की छुटियां हो कई हैं लेकिन इनके डर से वे पार्क में खेलने नहीं जा रहे है। बच्चों के माता-पिता को यह डर सता रहा है कि उनके बच्चों को भी कुत्ते काट नहीं ले। क्योंकि पिछले दिनों ही एक कुत्ते ने एक बच्चों को नोच नोच कर मार डाला था। यह बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कही।
कुत्तों के काटने की समस्या को लेकर अभियान चला रहे गोयल ने महर्षि दयानंद पार्क में लोगों के साथ समस्या और समाधान मुद्दे पर आयोजित चर्चा के दौरान यह भी कहा कि हर रोज 150 से 200 कुत्तों के काटने के मामले सरकारी अस्पताल में आ रहे हैं। कई सोसायटी में सफाई करने वाले तक कुत्तों के भय से नहीं जाते। इस मौके पर त्रिनगर की पार्षद मीनू गोयल ने कहा की जो लोग पार्कों में घूमने आते हैं वो हमसे छोटे छोटे डंडों की मांग करते है ताकि घूमते हुए कुत्ते उनके नजदीक न आये।
त्रिनगर आरडब्लूए के प्रधान रमेश चंदर ने कहा कि कुत्तों के लिए बाड़े का इंतजाम होना चाहिए ताकि वह सड़क लोगों को नहीं काटे। केशवपुरम आरडब्लूए के अशोक शर्मा ने कहा गायों की समस्या पर भी चर्चा होनी चाहिए। आरडब्लूए फेडरेशन के सौरभ गांधी ने कहा एनिमल वेलफेयर बोर्ड के नियमों को बदला जाना चाहिए क्योंकि आरडब्लूए आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।