7 जवानों को मारने वाला माओवादी दबोचा
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मेरठ एसटीएफ और नोएडा पुलिस की संयुक्त टीम ने नोएडा फेज 2 के एक एक्सपोर्ट कंपनी काम करने वाले इस नक्सली कमांडर को शुक्रवार रात में गिरफ्तार किया। कृष्णा मोची नाम का यह व्यक्ति नोएडा में संजय उर्फ अभय उर्फ अजय नाम से नौकरी कर रहा था। यह नक्सली गया का जोनल कमांडर बताया जाता है।
बिहार-छत्तीसगढ़ का सक्रिय नक्सल कार्यकर्ता
एसटीएफ के एएसपी अजय सहदेव ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार की रात होजरी काम्पलेक्स के बी ब्लाक स्थित सीजीएस अपेरेल प्रा.लि में धावा बोला।
यहां पर प्रोडक्शन हेल्पर कृष्णा मोची उर्फ अभय उर्फ अजय निवासी डीभका थाना डुमरिया जिला गया (बिहार) को कंपनी के बाहर से एसटीएफ के मेरठ यूनिट के डिप्टी एसपी अनित कुमार की टीम ने गिरफ्तार किया गया है। वह बिहार व छत्तीसगढ़ में सक्रिय माओवादी संगठन एमएमसी का मध्य जोन का जोनल कमांडर है।
उसकी बिहार पुलिस को तलाश थी। एसटीएफ ने उसके पास से मोबाइल फोन, वोटर आईडी, पैन कार्ड व 79 सौ रुपये बरामद किए गए है। गिरफ्तारी की जानकारी पाकर बिहार पुलिस उससे पूछताछ़ करने के लिए नोएडा आ रही है।
एके-47 लेकर चलता था नक्सली कमांडर
पूछताछ के बाद बिहार पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर गया ले जायेगी। पूछताछ में कृष्णा मोची ने बताया कि उसके अंडर में दस एरिया कमांडर काम करते है। जो उसके साथ हमेशा एके-47 व एसएलआर व 30 स्प्रिंग व 315 बोर की रायफल व विस्फोटक पदार्थो से लैस रहते है।
उनके साथ संगठन से जुटे माओवादी रहते है। हमला करने के दौरान गुरिल्ला नीति अपना कर पुलिस कर्मियों व सीआरपीएफ के जवानों पर हमला बोल देते है। 19 अक्तूबर वर्ष 92 में डुमरिया थाना क्षेत्र के करमस्थान में लैंडमाइन ब्लास्ट करके सीआरपीएफ के जवानो को ले जा रही गाड़ी में विस्फोट किया था।
जिसमें एक डिप्टी कमांडेट समेत सात लोग मारे गए थे। इसके अलावा गया जिले में कई और मामले दर्ज है। वह नक्सली संगठन के नेता प्रदीप यादव के साथ इन दिनों जुड़ा हुआ था।
विस्फोट में घायल होने के बाद आया एनसीआर
19 मार्च वर्ष 14 को पुलिस मुठभेड़ केदौरान पुलिस कर्मियों को हैंड ग्रेनेड फेंकने के दौरान वह विस्फोट में घायल हो गया था। पुलिस से बच कर वह अपने रिश्तेदार के पास गुडगांव पहुंचा। जहां उसने अपना इलाज कराया।
इसके बाद वह कुछ दिनों के लिए मुंबई गया और वहां से वापस दिल्ली आया और नोएडा में गांव के ही एक परिचित के माध्यम से नाम बदल कर नोएडा के फेज टू क्षेत्र की एक कंपनी में नौ हजार रुपये की नौकरी शुरू कर दी थी। सलारपुर में 15 सौ रुपये का कमरा किराए पर ले रखा था।
कम्प्यूटर का जानकार है यह नक्सली कमांडर
पूछताछ में कृष्णा ने बताया कि उसे कम्प्यूटर की अच्छी जानकारी है। इसी के चलते वह माओवादी संगठन के क्रिया कलापों से संबधित किताबों व उसकी प्रचार सामग्री को लिखता व संपादित करता था।
पूछताछ में खुलासा किया है कि एनसीआर में संगठन के कई सदस्य नाम बदल कर रह रहे है। जिनकी जानकारी एसटीएफ करने में जुटी है।