मैक्स मामलाः परिजनों ने पुलिस पर लगाया बड़ा आरोप, कोर्ट में की ये मांग
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शालीमार बाग के मैक्स अस्पताल में जुड़वां बच्चों में से एक जिंदा नवजात को मृत बताए जाने के मामले में पीड़ित परिवार ने याचिका दायर कर कोर्ट की निगरानी में मामले की जांच की मांग की है।
पीड़ित की याचिका की मांग के आधार पर अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है पुलिस दो सप्ताह में इस मामले की जांच रिपोर्ट पेश करे। अगली सुनवाई 8 जनवरी 2018 को है।
रोहिणी कोर्ट के न्यायाधीश आशीष कुमार के समक्ष यह याचिका पीड़ित पक्ष के वकील ऋषिपाल सिंह ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने बच्चे को मृत बताए जानेे की सूचना के 20 घंटे बाद एफआईआर दर्ज की और इस मामले में नवजात के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को बयान भी पुलिस ने दर्ज नहीं किए हैं।
'पुलिस की जांच निष्पक्ष नहीं'
ऐसे में पीड़ित पक्ष का आरोप कि पुलिस की जांच निष्पक्ष नहीं है, जिससे केस की जांच प्रभावित होने की संभावना है। इसलिए इस मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच करवाई जाए।
याचिका में गुहार लगाई गई है कि पुलिस ने इस केस में पीड़ित परिवार के बयान लिए बिना ही मामले की जांच क्राइम ब्रांच को क्यों सौंप दी। मामले की निष्पक्ष की जांच की मांग को लकर पीड़ित पक्ष ने यह भी मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।
याचिका में बताया गया कि 30 नवम्बर को मैक्स अस्पताल में दो बच्चों की प्री-मैच्योर डिलीवरी हुई थी, इनमें एक लड़की थी और एक लड़का। जिनमें से एक नवजात को अस्पताल द्वारा मृत बता दिया गया था, इसके बाद जब पीड़ित परिवार बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगा तो बच्चा जीवित हो गया था।