'यह दोहरा मापदंड': बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर मौलाना के बिगड़े बोल, कहा- भारत में भी तो 52 लोगों की...
भारत के संदर्भ में उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में 'जय श्री राम' के नारे लगाकर 52 लोगों की मॉब लिंचिंग हुई, लेकिन उसे भी नरसंहार नहीं कहा गया।
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दिल्ली में ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बांग्लादेश में जारी अशांति और हिंसा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हत्या गलत है और इस्लाम किसी की जान लेने की इजाजत नहीं देता, लेकिन बांग्लादेश की घटनाओं को 'नरसंहार' कहना गलत और दोहरे मापदंड का उदाहरण है।
गाजा में जो हुआ, उसे क्या कहा जाएगा?
मौलाना रशीदी ने सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर बांग्लादेश में हो रही हत्याओं को नरसंहार कहा जा रहा है, तो फिर गाजा में जो हुआ, उसे क्या कहा जाएगा? फिलिस्तीन में 40 हजार बच्चों की मौत और करीब डेढ़ लाख लोगों की हत्या हुई, लेकिन उसे नरसंहार कहने को कोई तैयार नहीं है।'
मौलाना रशीदी ने आगे कहा कि बांग्लादेश में मौजूदा यूनुस सरकार कमजोर है, इसलिए वहां की घटनाओं को इस तरह पेश किया जा रहा है। यहां इसलिए नरसंहार कहा जा रहा है क्योंकि पीड़ित हिंदू हैं।
यह दोहरी मानसिकता
भारत के संदर्भ में उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में 'जय श्री राम' के नारे लगाकर 52 लोगों की मॉब लिंचिंग हुई, लेकिन उसे भी नरसंहार नहीं कहा गया। 50 लोगों की हत्या को आप नरसंहार नहीं मानते, फिर बांग्लादेश के मामले में ऐसा क्यों? यह दोहरा रवैया और दोहरी मानसिकता क्यों?
#WATCH | Delhi: On the Bangladesh unrest, All India Imam Association President Maulana Sajid Rashidi says, "The killings that are happening are wrong. There is no doubt about that. Islam does not advocate killing anyone. But those who are calling this genocide, where is the… pic.twitter.com/YRlK7LqWFU
— ANI (@ANI) December 25, 2025
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