{"_id":"5bf5915d2d7c83faf51f9bd33c358c4d","slug":"many-families-in-ghaziabad-uttarakhand-chardham-tour","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाजियाबाद के कई परिवार उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाजियाबाद के कई परिवार उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंदिरापुरम में रहने वाले महेश ने फोन पर बताया कि वह बीते शनिवार रात 11 बजे दिल्ली के ग्रेटर कैलाश और चिराग दिल्ली निवासी चार दोस्तों के साथ यात्रा पर निकले थे। दिल्ली से अगस्त्य मुनि पहुंचे ही थे कि तेज बारिश शुरू हो गई।
विज्ञापन
पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। वह तिलवाड़ा में पांच दिन से फंसे हैं। उनका कहना है कि बारिश रुकने पर दो-तीन दिन में रास्ता खुल जाने की उम्मीद है। उन्हाेंने बताया कि वह घर पर पत्नी प्रभा, दो बेटियों और बेटे से लगातार संपर्क में हैं।
विज्ञापन
उत्तर काशी में फंसे आलू-प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष
आलू-प्याज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीपाल यादव ने बताया कि मंगलवार को ही वह अपने चार अन्य साथियों के साथ गंगोत्री धाम के लिए गए थे। फोन पर हुई बातचीत में श्रीपाल ने बताया कि बुधवार सुबह ही वह बस पकड़कर उत्तरकाशी तक पहुंचे थे।
विज्ञापन
तेज बारिश के चलते आगे की यात्रा बंद कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वह साथियों के साथ उत्तरकाशी के ही एक होटल में हैं और परिजनों के लगातार संपर्क में हैं।
उत्तराखंड में मुस्तैद हुई एनडीआरएफ
किसी भी आपदा से निपटने के लिए गाजियाबाद एनडीआरएफ की पांच टीमों ने उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में कमान संभाल ली है। बीते साल केदारनाथ में हुई पहाड़ की प्रलय के बाद उत्तराखंड सरकार की डिमांड पर एनडीआरएफ के 200 जवान केदारनाथ समेत अलग-अलग स्थान पर मोर्चा संभाले हैं।
रेस्क्यू अभियान में उन जवानों को भेजा गया है जो बीते साल तबाही के मंजर को देख चुके हैं। ये जवान वहां के मौसम और भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं। एनडीआरएफ के डीसी वीरेंद्र देवड़ा ने बताया कि उत्तराखंड त्रासदी के बाद सरकार ने इस साल प्री-मानसून के दौरान पांच टीमें मांगी थी।
एक जून से सभी टीमें उत्तराखंड में हैं। फोन पर हुई बातचीत में वीरेंद्र ने बताया कि बुधवार सुबह गौरीकुंड के पास कई जगह पहाड़ खिसके हैं। इससे केदारनाथ से आ रहे करीब 200 श्रद्धालु फंस गए। इनमें से 40 को निकाल लिया गया है।
160 अभी भी फंसे हैं। रास्ता ब्लॉक है। मशीन के न पहुंचने पर मैनुअली रास्ता साफ किया जा रहा है।बुधवार सुबह 40 जवानों वाली छठी टीम 14 सेटेलाइट फोन के साथ रवाना हो गई। टीम के सहायक कमांडर पंकज कुमार हैं।