Delhi Classroom Scam: एसीबी के सामने नहीं पेश हुए आप नेता मनीष सिसोदिया, वकील ने बताई ये वजह
मनीष सिसोदिया ने पहले से निर्धारित कार्यक्रम के कारण एसीबी के सामने पेश होने में असमर्थता जताई। उनके वकील ने इस संबंध में एसीबी को जवाब भेज दिया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) के समन का जवाब देते हुए कहा कि वह पहले से निर्धारित कार्यक्रम के कारण पेश नहीं हो सकेंगे। उनके वकील ने इस संबंध में एसीबी को औपचारिक जवाब भेज दिया है। एसीबी ने सिसोदिया को एक मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था।
क्लासरूम निर्माण में कथित भ्रष्टाचार
दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पूछताछ के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सत्येंद्र जैन को छह जून को एसीबी कार्यालय में बुलाया था। सत्येंद्र जैन एसीबी कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे इस मामले में पूछताछ की गई। वहीं, नौ जून यानी सोमवार को मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की बात भी सामने आई थी
सीवीसी के अनुसार, क्लासरूम के निर्माण की लागत को 24.86 लाख रुपये प्रति कमरा दिखाया गया, जबकि सामान्य रूप से इसके निर्माण में पांच लाख रुपये का ही खर्चा आता। सीवीसी की 2020 की रिपोर्ट में सीपीडब्ल्यूडी नियमों, वित्तीय दिशा निर्देशों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की बात भी सामने आई थी।
एसपीएस के लिए 8800 रुपये प्रति वर्ग फुट की लागत ली गई
इस रिपोर्ट में कहा गया कि सेमी परमानेंट स्ट्रक्चर (एसपीएस) के लिए 8800 रुपये प्रति वर्ग फुट की लागत ली गई। यह सामान्य से पांच गुना अधिक थी। जांच में पाया गया कि 2015-16 में स्वीकृत प्रोजेक्ट को जून 2016 तक पूरा नहीं किया था। इसकी लागत 17 फीसदी से 90 फीसदी तक बढ़ गई।
आप से जुड़े 34 ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के भी आरोप लगे। भाजपा और कांग्रेस ने इसे जनता के पैसे की लूट का मामला बताया है। मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पहले से ही दूसरे मामलों की जांच का सामना कर रहे हैं। सिसोदिया शराब नीति के मामले में जेल जा चुके हैं। वहीं, जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर बाहर हैं।