सिसोदिया ने LG के बहाने अमित शाह पर छोड़े तीर
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आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में लागू होने वाले सभी फैसले उपराज्यपाल के बजाया भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ले रहे हैं।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। साथ ही जंग के उस बयान पर भी तंज कसा जिस पर उन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली में अभी चुनाव होते हैं तो करीब दो महीने के लिए सभी विकास कार्य रुक जाएंगे। इससे जनता को परेशानी होगी।
इसके पीछे तर्क देते हुए सिसोदिया ने कहा कि 8 महीने बिना किसी सरकार के रहने वाली जनता के लिए चुनाव के दौरान 2 महीने तक बिना विकास के रहना ठीक है, न कि बिना सरकार के रहना। वर्तमान समय में एक कार्यकारी सरकार है जो हमेशा के लिए नहीं हो सकती, इसे कभी तो बदलना ही है।
क्योंकि कार्यकारी सरकार के कर्ताधर्ता बंद कमरों में बैठकर शासन कर रहे हैं, उनका जनता से कोई लेना देना नहीं है।
सिसोदिया ने फिर किया एक वादा
सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल के निर्देश पर काम करने वाले नौकरशाह जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं क्योंकि उनकी अपनी सीमाएं हैं। जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी तो हजारों लोग उनसे मिलने आते थे, अपनी समस्याएं रखते थे। लेकिन उपराज्यपाल और उनके स्टाफ ने जनता से दूरी बना ली है। चुनी हुई सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है जबकि कार्यकारी सरकार सिर्फ काम पूरे करती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के लिए यही बेहतर होगा कि यहां दोबारा चुनाव कराए जाएं ताकि यहां फिर से सुशासन लौटे। यही बात जनता भी पिछले 6 महीनों से कह रही है।
दिल्ली में 49 दिनों तक शासन करने वाली केजरीवाल सरकार में दूसरे नंबर के नेता रहे पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि चुनी हुई सरकार जनता का अधिकार है। यदि आम आदमी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है तो वह एक भ्रष्टाचार मुक्त सरकार होगी।
बोले सिसोदिया, हार से डर रही है भाजपा
विधानसभा भंग करने के मुद्दे पर जल्द कोई फैसला न लेने पर सिसोदिया ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग होने के बाद दिल्ली में चुनाव होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
भाजपा चुनावों में जाने से डर रही है। उसे डर है कि वह चुनाव में बुरी तरह से हार जाएंगे इसीलिए अब तक चुप्पी साधे हुए है।
बता दें कि 14 फरवरी को तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। अब 'आप' राजधानी में दोबारा चुनाव कराने की मांग कर रही है।
केजरीवाल ने लोकपाल के मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों का समर्थन न मिलने का आरोप लगाते हुए सरकार से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि लोकसभा चुनाव में देशभर में मिली करारी हार के बाद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से माफी मांगी थी और दोबारा कुर्सी छोड़कर न भागने का भी वादा किया था।