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Delhi: फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर कार चढ़ाने के दोषी को कैद, कोर्ट ने 10 साल से अधिक समय के बाद फैसला सुनाया

Fri, 14 Feb 2025 02:36 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 14 Feb 2025 02:36 PM IST
सार

नशे में कार फुटपाथ पर चढ़ाने से दो लोगों की मौत और 10 लोगों को घायल करने के दोषी को रोहिणी कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 10 साल से अधिक समय के बाद फैसला सुनाया है।

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Man sentenced to 10 years in prison for running car over people sleeping on footpath
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

नशे में कार फुटपाथ पर चढ़ाने से दो लोगों की मौत और 10 लोगों को घायल करने के दोषी को रोहिणी कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 10 साल से अधिक समय के बाद फैसला सुनाया है।

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार खरता ऋषि कुमार के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसे भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग II और 308 के अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत दोषी ठहराया गया। 
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अपने फैसले में अदालत ने अतिरिक्त सरकारी वकील पंकज रंगा की दलीलों पर गौर किया कि दोषी ने 17 अगस्त 2014 को निगम बोध घाट के पास फुटपाथ पर सो रहे दो बेघर लोगों को कार से कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी और 10 अन्य को घायल कर दिया था। अदालत ने कहा कि यह सच है कि फुटपाथ सोने के लिए नहीं होता, ये पैदल चलने वालों के लिए होता है, लेकिन यह भी सच है कि फुटपाथ वाहन चलाने के लिए भी नहीं होता। अदालत ने कहा कि मृतक या घायलों और उनके परिवार के सदस्यों की तरफ से झेले गए आघात और पीड़ा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। 
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अदालत ने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। साथ ही दोषी को पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि चूंकि दोषी की तरफ से लगाई गई मुआवजे की राशि पर्याप्त नहीं है। ऐसे में वर्तमान मामले को सचिव दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) तीस हजारी अदालत को भेजा जाए।

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