आदमखोर कुत्तों ने मासूम को नोंचकर मार डाला
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जामिया नगर इलाके में मंगलवार एक दिल दहला देने वाली घटना में लावारिस कुत्तों ने सात साल के मासूम को नोच-नोचकर मौत के घाट उतार दिया।
मृतक की शिनाख्त मामून (7) के रूप में हुई है। बच्चे की मौत के बाद निजी अस्पताल में खूब हंगामा हुआ। स्थानीय विधायक के दखल के बाद मामला शांत हुआ।
पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एम्स मोर्चरी भेज दिया है। स्थानीय लोगों ने एमसीडी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जामिया नगर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
खेलते हुए पहाड़ी इलाके में पहुंचा मामून
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बिहार के अररिया का रहने वाला मामून अपने परिवार के साथ गफ्फार मंजिल की झुग्गियों में रहता था। इसके परिवार में पिता साबिर अली, मां तबस्सुम और चार बहन-भाई हैं।
मामून के सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। साबिर की झुग्गियों के पास पहाड़ी इलाका है। मंगलवार सुबह करीब 11.00 बजे मामून खेलता हुआ पहाड़ी इलाके में चला गया।
इस बीच चार-पांच आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया। कुत्ते पहाड़ी पर एक गड्ढे में घसीटकर ले गए। इस बीच वह से गुजर रहे आरिफ नामक राहगीर ने देखा कि कुत्ते बच्चे को नोचकर खा रहे थे।
अस्पताल प्रशासन ने किया अत्याचार
आरिफ ने उसे बचाने का प्रयास किया तो कुत्तों ने उसे भी दौड़ा लिया। आरिफ पास से कुछ लोगों को बुला लाया। बाद में कुत्तों को भागाकर बच्चे को होली फैमिली अस्पताल ले गए।
बच्चों गले के अलावा लगभग पूरे शरीर को कुत्तों ने नोच दिया था। इलाज के दौरान कुछ ही देर में बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने कुछ ही देर के इलाज का 20 हजार रुपये बिल गरीब परिवार को थमा दिया।
इस बात पर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। स्थानीय विधायक अमानत-उल्लाह खान ने पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अक्सर काटते रहते थे कुत्ते
स्थानीय निवासी फखरे आलम उर्फ गुड्डू ने बताया कि पिछले काफी समय से इलाके में कुत्तों ने लोगों की नाक में दम कर रखा है।
अंधरा होने के बाद तो गफ्फार मंजिल से नूर नगर की ओर जान पर खेलकर जाना होता है।
अक्सर कुत्ते किसी न किसी को काट लेते हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कुत्तों ने दर्जनों लोगों को काटा है। गुड्डू बताते हैं कि सूनसान और पहाड़ी इलाका होने की वजह से एमसीडी कर्मचारी आवारा कुत्तों की नसबंदी कर यहां छोड़ देते हैं।
इसकी वजह से आवारा कुत्तों ने यहां खूब आतंक मचा रखा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल्द ही इन कुत्तों को पकड़ा न गया तो यह और लोगों को निशाना बनाएंगे।