दिल्ली पुलिस की हिरासत में युवक की मौत
-बुजुर्गों का एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने के आरोप में साथी संग किया था गिरफ्तार
-परिजनों ने जताई सख्त नाराजगी, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
-पुलिस का दावा, सांस में तकलीफ के कारण हुई मौत
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नई दिल्ली के बवाना में पुलिस हिरासत में मौत होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि दिल्ली कैंट थाने में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत हो गई। युवक को बुजुर्गों का एटीएम कार्ड लेकर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मृतक की पहचान कल्याणपुरी निवासी विपिन मैसी उर्फ सुमित (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने बुधवार को डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने विपिन की मौत के कई घंटों बाद भी उन्हें सिर्फ उसकी हालत खराब होने की बात कही। उन्होंने पुलिस के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विपिन पर बुजुर्गों के एटीएम कार्ड बदलकर उनसे ठगी करने के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में दिल्ली के अलावा 4 माह पूर्व हरियाणा पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। कुछ दिन पहले जेल से निकलने के बाद विपिन फिर से वारदातों को अंजाम दे रहा था।
एक बुजुर्ग से 1.14 लाख की ठगी के मामले में दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सोमवार रात पुलिस ने उसे एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया। मंगलवार सुबह 6 बजे पुलिस विपिन और उसके सहयोगी को दिल्ली कैंट थाने ले गई थी। पूछताछ के दौरान करीब 12 बजे उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। पुलिस तुरंत उसे छावनी परिषद अस्पताल में लेकर गई, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
सोमवार शाम घर से निकला था विपिन
विपिन के पिता सुनील ने बताया कि सोमवार शाम करीब 7 बजे विपिन अपने चाचा के घर से निकला था। मंगलवार सुबह उससे फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उसका नंबर बंद आ रहा था। शाम 4 बजे विपिन के चाचा के पास पुलिस का फोन आया। पुलिसकर्मी ने बताया कि विपिन की हालत खराब है और वह डीडीयू अस्पताल में भर्ती है।
7 बजे रात परिजन वहां पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने बताया कि विपिन की मौत दोपहर डेढ़ बजे हो गई। पुलिस ने उन्हें मिर्गी के दौरे से मौत होने की बात कही। सुनील का आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें इस बात से अवगत नहीं कराया कि उसे किस मामले में पकड़ा गया था।
पूछताछ के दौरान युवक को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हिरासत में मौत नहीं हुई।-देवेंद्र आर्या, डीसीपी-दक्षिण-पश्चिमी जिला