‘ड्रैगन’ की घुसपैठ से बढ़ी परेशानी, वजूद का संकट
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हजारों परिवार की जीविका चलाने वाली होम एप्लायंसेस इंडस्ट्री पड़ोसी मुल्क चीन (ड्रैगन) से परेशान है। आज घरेलू सामान के लगभग सभी क्षेत्रों में उसकी घुसपैठ हो चुकी है जिससे देसी उत्पादों को बाजार में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
चीन ने सस्ते माल उतार कर घरेलू कंपनियों का धंधा को मंदा कर दिया है जिससे उनके सामने वजूद कायम रखने का संकट हो गया है।
अब केंद्र से बेहतरी की आस लगाए बैठी इंडस्ट्री आगामी आम बजट में तमाम उम्मीदों को पूरा होते देखना चाह रही है।
मोदी सरकार के बजट से आस
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 250 से ज्यादा ऐसी छोटी बड़ी इंडस्ट्री काम कर रही हैं, जिनका उत्पाद घरों में इस्तेमाल होता है। इसमें पंखा से लेकर बिजली से चलने वाले गैस चूल्हे तक शामिल हैं।
सरकारी नीतियों की वजह से पड़ोसी मुल्कों के घरेलू सामान हमारे और आपके घर में पहुंच चुका है, लेकिन अपने शहर में बना हुआ माल बाजार की तलाश में जुटा रहता है।
होम एप्लायंसेस इंडस्ट्री चीन से होने वाले आयात और प्रदेश में लगाए जाने वाले करों से परेशान है। इंडस्ट्री को उम्मीद है कि केंद्र की नई सरकार कुछ नया करेगी और एक बार फिर नोएडा में लगे उद्योग रोशन हो सकेंगे।
क्या कहते हैं बिजनेसमैन?
गुरु टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक योगेश आनंद ने कहा कि देश में औद्योगिक माहौल बनाना है तो सबसे पहले चीन से होने वाले आयात पर नियंत्रण करना होगा। सस्ते माल के चक्कर में घरेलू उत्पादों की अनदेखी हो रही है।
आरएसआर इंजीनियरिंग इंडस्ट्री के निदेशक सतीश इंदौरिया ने बताया कि किसी भी उद्योग को आगे बढ़ने में ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में सरकारी तौर पर मदद दी जाए। इसके लिए सरकारी एजेंसियों को आगे आकर सस्ता ऋण देना होगा।
उत्तरांचल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर जतिन कुमार ने कहा कि कई राज्यों में फैक्ट्री में काम करने के लिए स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया गया है। इससे कई बार यूनियन हावी हो जाती है और दूसरे राज्यों से आकर काम करना मुश्किल होता है।
इंडस्ट्री की प्रमुख मांगें:
- चीन से होने वाले आयात को नियंत्रित किया जाए।
- सरकार सस्ते ऋण की व्यवस्था करे।
- श्रम कानूनों में बदलाव कर यूनियन के बढ़ते प्रभाव को कम किया जाए।
- कानून व्यवस्था को दुरुस्त करें और इंडस्ट्रियल फोर्स गठित हो।
- बिजली की आपूर्ति 24 घंटे हो और मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने का काम किया जाए।