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दिल्ली में खुलेंगी शराब की आलीशान दुकानें: खरीदने से पहले स्वाद चखने के लिए बनेंगे टेस्टिंग रूम, जल्द शुरू हो सकती है होम डिलीवरी
Wed, 11 May 2022 10:42 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 11 May 2022 10:42 AM IST
सार
दिल्ली सरकार शराब की दुकानों का अधिकतम आकार 2000 वर्ग फुट से बढ़ाकर 5000 वर्ग फुट करने की तैयारी कर चुकी है। इन दुकानों में सिगार, शराब वाली चॉकलेट, कलाकृतियां, बैठ कर पीने की सुविधा, बर्फ के बक्से, बार ग्लास और अन्य सुविधाएं उच्च मूल्य पर बेचने की अनुमति दी जा सकती है।
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विस्तार
दिल्ली सरकार शराब के शौकीनों को एक बेहतर अनुभव का एहसास कराने की तैयारी कर रही है। दिल्ली वासियों को 5000 वर्गफुट आकार की बड़ी-बड़ी शराब की दुकानों में शराब खरीदने और आराम के साथ वहीं बैठकर जाम छलकाने का मौका मिलेगा। सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बड़े आकार की इन दुकानों में सिगार, शराब वाली चॉकलेट और कलाकृतियों की बिक्री भी की जाएगी। इतना ही नहीं शराब खरीदने से पहले स्वाद चखने के लिए टेस्टिंग रूम भी बनाया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने पिछले साल नवंबर से लागू गई नई आबकारी नीति के तहत शहर में खुदरा शराब की दुकानों का न्यूनतम आकार 500 वर्गफुट और अधिकतम आकार 2000 वर्ग फुट तय किया था। लेकिन दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने आबकारी नीति 2022-23 को तैयार करने के लिए कई सिफारिशें की हैं, जिसमें शराब की खुदरा दुकानों का अधिकतम आकार 5000 वर्गफुट या फिर उससे भी अधिक बढ़ाने की बात की गई है।
साथ ही, जीओएम ने सिफारिश की थी कि ऐसे ग्राहकों के लिए जो दुकानों के अंदर केवल शराब खरीदने के लिए जाना चाहते हैं, उसके लिए खुदरा शराब की दुकानों का न्यूनतम आकार 500 वर्गफुट अनिवार्य कर देना चाहिए। जीओएम ने यह सिफारिश भी की है कि यदि लाइसेंस धारक 5000 वर्ग फुट से अधिक आकार की खुदरा दुकान खोलना चाहता है तो उससे पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक लाइसेंस शुल्क लेकर सरकार को ऐसा करने की मंजूरी देनी चाहिए।
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एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली सरकार शराब की दुकानों का अधिकतम आकार 2000 वर्ग फुट से बढ़ाकर 5000 वर्ग फुट करने की तैयारी कर चुकी है। इन दुकानों में सिगार, शराब वाली चॉकलेट, कलाकृतियां, बैठ कर पीने की सुविधा, बर्फ के बक्से, बार ग्लास और अन्य सुविधाएं उच्च मूल्य पर बेचने की अनुमति दी जा सकती है।
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दिल्ली सरकार ने पिछले साल नवंबर से लागू गई नई आबकारी नीति के तहत शहर में खुदरा शराब की दुकानों का न्यूनतम आकार 500 वर्गफुट और अधिकतम आकार 2000 वर्ग फुट तय किया था। लेकिन दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने आबकारी नीति 2022-23 को तैयार करने के लिए कई सिफारिशें की हैं, जिसमें शराब की खुदरा दुकानों का अधिकतम आकार 5000 वर्गफुट या फिर उससे भी अधिक बढ़ाने की बात की गई है।
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साथ ही, जीओएम ने सिफारिश की थी कि ऐसे ग्राहकों के लिए जो दुकानों के अंदर केवल शराब खरीदने के लिए जाना चाहते हैं, उसके लिए खुदरा शराब की दुकानों का न्यूनतम आकार 500 वर्गफुट अनिवार्य कर देना चाहिए। जीओएम ने यह सिफारिश भी की है कि यदि लाइसेंस धारक 5000 वर्ग फुट से अधिक आकार की खुदरा दुकान खोलना चाहता है तो उससे पांच करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक लाइसेंस शुल्क लेकर सरकार को ऐसा करने की मंजूरी देनी चाहिए।
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एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, दिल्ली सरकार शराब की दुकानों का अधिकतम आकार 2000 वर्ग फुट से बढ़ाकर 5000 वर्ग फुट करने की तैयारी कर चुकी है। इन दुकानों में सिगार, शराब वाली चॉकलेट, कलाकृतियां, बैठ कर पीने की सुविधा, बर्फ के बक्से, बार ग्लास और अन्य सुविधाएं उच्च मूल्य पर बेचने की अनुमति दी जा सकती है।
जल्द शुरू हो सकती है शराब की होम डिलीवरी
दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब की होम डिलीवरी जल्द शुरू हो सकती है। दिल्ली सरकार के मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) ने इस संबंध में सिफारिश की है। जीओएम ने कहा कि खुदरा विक्रेताओं की ओर से शराब की बिक्री पर दी जा रही छूट पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए।
सरकार के अधिकारियों के अनुसार आबकारी नीति 2022-23 के संबंध में होम डिलीवरी और जीओएम की अन्य सिफारिशों के प्रस्तावों को मंजूरी के लिए दिल्ली मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। जीओएम का मानना है कि महामारी या आपातकालीन परिस्थिति में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान शराब की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए होम डिलीवरी एक उपयुक्त विकल्प है। इसके अलावा शराब का समान वितरण सुनिश्चित करने, नकली शराब की खपत पर लगाम लगाने और अंतरराज्यीय तस्करी रोकने में भी यह कारगर है।
सरकार के अधिकारियों के अनुसार आबकारी नीति 2022-23 के संबंध में होम डिलीवरी और जीओएम की अन्य सिफारिशों के प्रस्तावों को मंजूरी के लिए दिल्ली मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। जीओएम का मानना है कि महामारी या आपातकालीन परिस्थिति में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान शराब की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए होम डिलीवरी एक उपयुक्त विकल्प है। इसके अलावा शराब का समान वितरण सुनिश्चित करने, नकली शराब की खपत पर लगाम लगाने और अंतरराज्यीय तस्करी रोकने में भी यह कारगर है।